अरुणाचल प्रदेश बजट — 2023-24 vs 2022-23
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि अरुणाचल प्रदेश की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2022-23
2023-24
Rs 33,989 crore
2022-23
Rs 19,000 crore
2023-24
Rs 29,313 crore
2022-23
Rs 16,500 crore
2023-24
Rs 9,475 crore
2022-23
Rs 3,500 crore
2023-24
Rs 2,568 crore
2022-23
Rs 1,800 crore
2023-24
7.8%
2022-23
7.1%
2023-24
Rs 858 crore
2022-23
Rs 1,200 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2023-24 | 2022-23 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 29,313 करोड़ | रु 16,500 करोड़ | +77.7% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 2,568 करोड़ | रु 1,800 करोड़ | +42.7% |
| गैर-कर राजस्व | रु 911 करोड़ | रु 4,200 करोड़ | -78.3% |
| कुल व्यय | रु 33,989 करोड़ | रु 19,000 करोड़ | +78.9% |
| राजस्व व्यय | रु 23,602 करोड़ | रु 15,500 करोड़ | +52.3% |
| पूंजीगत व्यय | रु 9,475 करोड़ | रु 3,500 करोड़ | +170.7% |
| ब्याज भुगतान | रु 858 करोड़ | रु 1,200 करोड़ | -28.5% |
| राजकोषीय घाटा | रु 3,758 करोड़ | रु 2,500 करोड़ | +50.3% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 7.8% | 7.1% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 37.9% | 38.6% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2022-23
2022-23 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2023-24 | 2022-23 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 4,120 crore | Rs 0 | — |
2. Public Works & Roads | Rs 3,500 crore | Rs 0 | — |
3. Rural Development | Rs 3,100 crore | Rs 0 | — |
4. Health & Family Welfare | Rs 2,350 crore | Rs 0 | — |
5. Police & Home | Rs 1,870 crore | Rs 0 | — |
6. Agriculture & Allied | Rs 1,600 crore | Rs 0 | — |
7. Social Welfare | Rs 1,200 crore | Rs 0 | — |
8. Energy | Rs 1,050 crore | Rs 0 | — |
9. Water Supply & Sanitation | Rs 980 crore | Rs 0 | — |
10. Urban Development | Rs 820 crore | Rs 0 | — |
अरुणाचल प्रदेश का बजट 2022-23 से 2023-24 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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