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बिहार बजट — 2020-21 vs 2023-24

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि बिहार की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2020-21 बनाम 2023-24

Total Expenditure

2020-21

Rs 1.35 lakh crore

2023-24

Rs 3.15 lakh crore

2020-21 is -57.0% lower
Total Receipts

2020-21

Rs 98,200 crore

2023-24

Rs 2.14 lakh crore

2020-21 is -54.2% lower
Capital Expenditure

2020-21

Rs 19,500 crore

2023-24

Rs 39,623 crore

2020-21 is -50.8% lower
Tax Revenue

2020-21

Rs 26,800 crore

2023-24

Rs 50,400 crore

2020-21 is -46.8% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2020-21

4.5%

2023-24

8.9%

2020-21 is -49.4% lower
Interest Payments

2020-21

Rs 12,700 crore

2023-24

Rs 18,354 crore

2020-21 is -30.8% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2020-212023-24अंतर
कुल प्राप्तियांरु 98,200 करोड़रु 2.14 लाख करोड़-54.2%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 26,800 करोड़रु 50,400 करोड़-46.8%
गैर-कर राजस्वरु 4,200 करोड़रु 6,582 करोड़-36.2%
कुल व्ययरु 1.35 लाख करोड़रु 3.15 लाख करोड़-57.0%
राजस्व व्ययरु 1.16 लाख करोड़रु 2.5 लाख करोड़-53.7%
पूंजीगत व्ययरु 19,500 करोड़रु 39,623 करोड़-50.8%
ब्याज भुगतानरु 12,700 करोड़रु 18,354 करोड़-30.8%
राजकोषीय घाटारु 23,500 करोड़रु 76,466 करोड़-69.3%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)4.5%8.9%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात35.2%30.5%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2020-21 बनाम 2023-24

2023-24 और 2020-21 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2020-212023-24Difference
1. Education
Rs 0
Rs 32,800 crore
-100.0%
2. Rural Development
Rs 0
Rs 26,200 crore
-100.0%
3. Social Welfare
Rs 0
Rs 15,400 crore
-100.0%
4. Agriculture & Allied
Rs 0
Rs 14,400 crore
-100.0%
5. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 12,500 crore
-100.0%
6. Transport & Roads
Rs 0
Rs 10,000 crore
-100.0%
7. Energy
Rs 0
Rs 9,500 crore
-100.0%
8. Police & Home
Rs 0
Rs 8,500 crore
-100.0%
9. Water Resources & Irrigation
Rs 0
Rs 7,800 crore
-100.0%
10. Urban Development
Rs 0
Rs 6,200 crore
-100.0%

बिहार का बजट 2023-24 से 2020-21 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2020-21 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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