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बिहार बजट — 2023-24 vs 2021-22

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि बिहार की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2021-22

Total Expenditure

2023-24

Rs 3.15 lakh crore

2021-22

Rs 1.55 lakh crore

2023-24 is +103.5% higher
Total Receipts

2023-24

Rs 2.14 lakh crore

2021-22

Rs 1.22 lakh crore

2023-24 is +76.5% higher
Capital Expenditure

2023-24

Rs 39,623 crore

2021-22

Rs 26,800 crore

2023-24 is +47.8% higher
Tax Revenue

2023-24

Rs 50,400 crore

2021-22

Rs 33,200 crore

2023-24 is +51.8% higher
Fiscal Deficit (% GDP)

2023-24

8.9%

2021-22

3.5%

2023-24 is +154.3% higher
Interest Payments

2023-24

Rs 18,354 crore

2021-22

Rs 14,600 crore

2023-24 is +25.7% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2023-242021-22अंतर
कुल प्राप्तियांरु 2.14 लाख करोड़रु 1.22 लाख करोड़+76.5%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 50,400 करोड़रु 33,200 करोड़+51.8%
गैर-कर राजस्वरु 6,582 करोड़रु 5,100 करोड़+29.1%
कुल व्ययरु 3.15 लाख करोड़रु 1.55 लाख करोड़+103.5%
राजस्व व्ययरु 2.5 लाख करोड़रु 1.28 लाख करोड़+95.3%
पूंजीगत व्ययरु 39,623 करोड़रु 26,800 करोड़+47.8%
ब्याज भुगतानरु 18,354 करोड़रु 14,600 करोड़+25.7%
राजकोषीय घाटारु 76,466 करोड़रु 22,400 करोड़+241.4%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)8.9%3.5%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात30.5%32.8%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2021-22

2021-22 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2023-242021-22Difference
1. Education
Rs 32,800 crore
Rs 0
—
2. Rural Development
Rs 26,200 crore
Rs 0
—
3. Social Welfare
Rs 15,400 crore
Rs 0
—
4. Agriculture & Allied
Rs 14,400 crore
Rs 0
—
5. Health & Family Welfare
Rs 12,500 crore
Rs 0
—
6. Transport & Roads
Rs 10,000 crore
Rs 0
—
7. Energy
Rs 9,500 crore
Rs 0
—
8. Police & Home
Rs 8,500 crore
Rs 0
—
9. Water Resources & Irrigation
Rs 7,800 crore
Rs 0
—
10. Urban Development
Rs 6,200 crore
Rs 0
—

बिहार का बजट 2021-22 से 2023-24 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2023-24 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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