दिल्ली बजट — 2016-17 vs 2025-26
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि दिल्ली की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2016-17 बनाम 2025-26
2016-17
Rs 38,700 crore
2025-26
Rs 99,310 crore
2016-17
Rs 35,200 crore
2025-26
Rs 71,845 crore
2016-17
Rs 5,200 crore
2025-26
Rs 32,600 crore
2016-17
Rs 30,000 crore
2025-26
Rs 68,000 crore
2016-17
0.7%
2025-26
1.7%
2016-17
Rs 1,300 crore
2025-26
Rs 3,203 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2016-17 | 2025-26 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 35,200 करोड़ | रु 71,845 करोड़ | -51.0% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 30,000 करोड़ | रु 68,000 करोड़ | -55.9% |
| गैर-कर राजस्व | रु 950 करोड़ | रु 1,200 करोड़ | -20.8% |
| कुल व्यय | रु 38,700 करोड़ | रु 99,310 करोड़ | -61.0% |
| राजस्व व्यय | रु 33,500 करोड़ | रु 71,994 करोड़ | -53.5% |
| पूंजीगत व्यय | रु 5,200 करोड़ | रु 32,600 करोड़ | -84.0% |
| ब्याज भुगतान | रु 1,300 करोड़ | रु 3,203 करोड़ | -59.4% |
| राजकोषीय घाटा | रु 3,500 करोड़ | रु 22,289 करोड़ | -84.3% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 0.7% | 1.7% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 1.0% | 3.4% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2016-17 बनाम 2025-26
2025-26 और 2016-17 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2016-17 | 2025-26 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education, Sports & Culture | Rs 0 | Rs 20,200 crore | -100.0% |
2. Health & Family Welfare | Rs 0 | Rs 13,500 crore | -100.0% |
3. Transport & Roads | Rs 0 | Rs 10,400 crore | -100.0% |
4. Social Welfare & Women | Rs 0 | Rs 10,300 crore | -100.0% |
5. Urban Development | Rs 0 | Rs 7,600 crore | -100.0% |
6. Water Supply & Sanitation | Rs 0 | Rs 7,400 crore | -100.0% |
7. Energy | Rs 0 | Rs 5,400 crore | -100.0% |
8. Public Works | Rs 0 | Rs 5,100 crore | -100.0% |
9. Home & Police | Rs 0 | Rs 5,000 crore | -100.0% |
10. Environment & Forests | Rs 0 | Rs 2,300 crore | -100.0% |
दिल्ली का बजट 2025-26 से 2016-17 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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