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दिल्ली बजट — 2021-22 vs 2025-26

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि दिल्ली की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2021-22 बनाम 2025-26

Total Expenditure

2021-22

Rs 52,000 crore

2025-26

Rs 99,310 crore

2021-22 is -47.6% lower
Total Receipts

2021-22

Rs 48,500 crore

2025-26

Rs 71,845 crore

2021-22 is -32.5% lower
Capital Expenditure

2021-22

Rs 7,800 crore

2025-26

Rs 32,600 crore

2021-22 is -76.1% lower
Tax Revenue

2021-22

Rs 42,000 crore

2025-26

Rs 68,000 crore

2021-22 is -38.2% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2021-22

0.4%

2025-26

1.7%

2021-22 is -76.5% lower
Interest Payments

2021-22

Rs 2,300 crore

2025-26

Rs 3,203 crore

2021-22 is -28.2% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2021-222025-26अंतर
कुल प्राप्तियांरु 48,500 करोड़रु 71,845 करोड़-32.5%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 42,000 करोड़रु 68,000 करोड़-38.2%
गैर-कर राजस्वरु 1,050 करोड़रु 1,200 करोड़-12.5%
कुल व्ययरु 52,000 करोड़रु 99,310 करोड़-47.6%
राजस्व व्ययरु 44,200 करोड़रु 71,994 करोड़-38.6%
पूंजीगत व्ययरु 7,800 करोड़रु 32,600 करोड़-76.1%
ब्याज भुगतानरु 2,300 करोड़रु 3,203 करोड़-28.2%
राजकोषीय घाटारु 3,500 करोड़रु 22,289 करोड़-84.3%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)0.4%1.7%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात2.8%3.4%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2021-22 बनाम 2025-26

2025-26 और 2021-22 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2021-222025-26Difference
1. Education, Sports & Culture
Rs 0
Rs 20,200 crore
-100.0%
2. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 13,500 crore
-100.0%
3. Transport & Roads
Rs 0
Rs 10,400 crore
-100.0%
4. Social Welfare & Women
Rs 0
Rs 10,300 crore
-100.0%
5. Urban Development
Rs 0
Rs 7,600 crore
-100.0%
6. Water Supply & Sanitation
Rs 0
Rs 7,400 crore
-100.0%
7. Energy
Rs 0
Rs 5,400 crore
-100.0%
8. Public Works
Rs 0
Rs 5,100 crore
-100.0%
9. Home & Police
Rs 0
Rs 5,000 crore
-100.0%
10. Environment & Forests
Rs 0
Rs 2,300 crore
-100.0%

दिल्ली का बजट 2025-26 से 2021-22 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2021-22 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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