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दिल्ली बजट — 2023-24 vs 2021-22

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि दिल्ली की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2021-22

Total Expenditure

2023-24

Rs 79,894 crore

2021-22

Rs 52,000 crore

2023-24 is +53.6% higher
Total Receipts

2023-24

Rs 61,500 crore

2021-22

Rs 48,500 crore

2023-24 is +26.8% higher
Capital Expenditure

2023-24

Rs 8,366 crore

2021-22

Rs 7,800 crore

2023-24 is +7.3% higher
Tax Revenue

2023-24

Rs 55,300 crore

2021-22

Rs 42,000 crore

2023-24 is +31.7% higher
Fiscal Deficit (% GDP)

2023-24

0.7%

2021-22

0.4%

2023-24 is +75.0% higher
Interest Payments

2023-24

Rs 3,094 crore

2021-22

Rs 2,300 crore

2023-24 is +34.5% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2023-242021-22अंतर
कुल प्राप्तियांरु 61,500 करोड़रु 48,500 करोड़+26.8%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 55,300 करोड़रु 42,000 करोड़+31.7%
गैर-कर राजस्वरु 1,375 करोड़रु 1,050 करोड़+31.0%
कुल व्ययरु 79,894 करोड़रु 52,000 करोड़+53.6%
राजस्व व्ययरु 56,534 करोड़रु 44,200 करोड़+27.9%
पूंजीगत व्ययरु 8,366 करोड़रु 7,800 करोड़+7.3%
ब्याज भुगतानरु 3,094 करोड़रु 2,300 करोड़+34.5%
राजकोषीय घाटारु 7,878 करोड़रु 3,500 करोड़+125.1%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)0.7%0.4%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात3.0%2.8%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2021-22

2021-22 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2023-242021-22Difference
1. Education, Sports & Culture
Rs 15,700 crore
Rs 0
—
2. Health & Family Welfare
Rs 8,500 crore
Rs 0
—
3. Transport & Roads
Rs 6,600 crore
Rs 0
—
4. Social Welfare & Women
Rs 4,500 crore
Rs 0
—
5. Urban Development
Rs 4,200 crore
Rs 0
—
6. Home & Police
Rs 3,500 crore
Rs 0
—
7. Water Supply & Sanitation
Rs 3,400 crore
Rs 0
—
8. Energy
Rs 3,400 crore
Rs 0
—
9. Public Works
Rs 2,350 crore
Rs 0
—
10. Environment & Forests
Rs 1,550 crore
Rs 0
—

दिल्ली का बजट 2021-22 से 2023-24 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2023-24 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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