दिल्ली बजट — 2024-25 vs 2021-22
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि दिल्ली की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2024-25 बनाम 2021-22
2024-25
Rs 76,000 crore
2021-22
Rs 52,000 crore
2024-25
Rs 64,142 crore
2021-22
Rs 48,500 crore
2024-25
Rs 5,919 crore
2021-22
Rs 7,800 crore
2024-25
Rs 58,750 crore
2021-22
Rs 42,000 crore
2024-25
0.6%
2021-22
0.4%
2024-25
Rs 2,666 crore
2021-22
Rs 2,300 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2024-25 | 2021-22 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 64,142 करोड़ | रु 48,500 करोड़ | +32.3% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 58,750 करोड़ | रु 42,000 करोड़ | +39.9% |
| गैर-कर राजस्व | रु 1,000 करोड़ | रु 1,050 करोड़ | -4.8% |
| कुल व्यय | रु 76,000 करोड़ | रु 52,000 करोड़ | +46.2% |
| राजस्व व्यय | रु 60,911 करोड़ | रु 44,200 करोड़ | +37.8% |
| पूंजीगत व्यय | रु 5,919 करोड़ | रु 7,800 करोड़ | -24.1% |
| ब्याज भुगतान | रु 2,666 करोड़ | रु 2,300 करोड़ | +15.9% |
| राजकोषीय घाटा | रु 6,565 करोड़ | रु 3,500 करोड़ | +87.6% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 0.6% | 0.4% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 3.2% | 2.8% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2024-25 बनाम 2021-22
2021-22 और 2024-25 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2024-25 | 2021-22 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education, Sports & Culture | Rs 16,146 crore | Rs 0 | — |
2. Health & Family Welfare | Rs 8,685 crore | Rs 0 | — |
3. Transport & Roads | Rs 6,865 crore | Rs 0 | — |
4. Social Welfare & Women | Rs 6,437 crore | Rs 0 | — |
5. Urban Development | Rs 4,290 crore | Rs 0 | — |
6. Home & Police | Rs 3,700 crore | Rs 0 | — |
7. Water Supply & Sanitation | Rs 3,442 crore | Rs 0 | — |
8. Energy | Rs 3,350 crore | Rs 0 | — |
9. Public Works | Rs 2,300 crore | Rs 0 | — |
10. Environment & Forests | Rs 1,700 crore | Rs 0 | — |
दिल्ली का बजट 2021-22 से 2024-25 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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