हरियाणा vs पंजाब — बजट तुलना 2024-25
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सरकारी बजट डेटा की तुलना
प्रमुख बजट मापदंड — हरियाणा बनाम पंजाब
हरियाणा
Rs 1.56 lakh crore
पंजाब
Rs 1.35 lakh crore
हरियाणा
Rs 1.17 lakh crore
पंजाब
Rs 1.04 lakh crore
हरियाणा
Rs 16,281 crore
पंजाब
Rs 7,445 crore
हरियाणा
Rs 84,551 crore
पंजाब
Rs 58,900 crore
हरियाणा
2.8%
पंजाब
3.8%
हरियाणा
Rs 25,142 crore
पंजाब
Rs 23,900 crore
प्राप्तियां एवं व्यय तुलना — 2024-25
| विवरण | हरियाणा | पंजाब | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 1.17 लाख करोड़ | रु 1.04 लाख करोड़ | +12.2% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 84,551 करोड़ | रु 58,900 करोड़ | +43.6% |
| गैर-कर राजस्व | रु 9,243 करोड़ | रु 11,246 करोड़ | -17.8% |
| कुल व्यय | रु 1.56 लाख करोड़ | रु 1.35 लाख करोड़ | +15.4% |
| राजस्व व्यय | रु 1.34 लाख करोड़ | रु 1.27 लाख करोड़ | +5.8% |
| पूंजीगत व्यय | रु 16,281 करोड़ | रु 7,445 करोड़ | +118.7% |
| ब्याज भुगतान | रु 25,142 करोड़ | रु 23,900 करोड़ | +5.2% |
| राजकोषीय घाटा | रु 33,635 करोड़ | रु 30,465 करोड़ | +10.4% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 2.8% | 3.8% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 26.3% | 48.6% | — |
हरियाणा — राजस्व संरचना
पंजाब — राजस्व संरचना
विभागवार आवंटन — हरियाणा बनाम पंजाब
| Department | हरियाणा | पंजाब | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 21,200 crore | Rs 17,400 crore | +21.8% |
2. Agriculture & Allied | Rs 10,500 crore | Rs 13,700 crore | -23.4% |
3. Urban Development | Rs 13,000 crore | Rs 4,300 crore | +202.3% |
4. Energy | Rs 8,000 crore | Rs 11,600 crore | -31.0% |
5. Health & Family Welfare | Rs 10,700 crore | Rs 8,700 crore | +23.0% |
6. Police & Home | Rs 9,400 crore | Rs 8,000 crore | +17.5% |
7. Rural Development | Rs 9,200 crore | Rs 8,200 crore | +12.2% |
8. Transport & Roads | Rs 7,500 crore | Rs 4,500 crore | +66.7% |
9. Social Welfare | Rs 7,100 crore | Rs 6,550 crore | +8.4% |
10. Water Supply & Sanitation | Rs 5,100 crore | Rs 4,500 crore | +13.3% |
हरियाणा बनाम पंजाब बजट विश्लेषण 2024-25
हरियाणा और पंजाब के बजट की तुलना से यह पता चलता है कि विभिन्न राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में खर्च को कैसे प्राथमिकता देते हैं। राज्य बजट वे प्राथमिक साधन हैं जिनके माध्यम से राज्य सरकारें संसाधन आवंटित करती हैं और कल्याणकारी योजनाएं लागू करती हैं।
राज्य बजट संरचनाओं में प्रमुख अंतर राजस्व क्षमता (अपना कर राजस्व बनाम केंद्रीय हस्तांतरण), व्यय प्राथमिकताओं (पूंजीगत निवेश बनाम राजस्व व्यय), और राजकोषीय प्रबंधन (घाटे का स्तर और ऋण स्थिरता) से उत्पन्न होते हैं। वित्त आयोग की सिफारिशें यह तय करती हैं कि केंद्रीय कर राजस्व राज्यों के साथ कैसे साझा किया जाए।
केंद्र सरकार किस तरह संसाधन आवंटित करती है, इसके व्यापक दृष्टिकोण के लिए, देखें भारत केंद्रीय बजट 2024-25 विश्लेषण। आप अन्य बजट तुलनाएं भी देख सकते हैं।
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