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हिमाचल प्रदेश बजट — 2023-24 vs 2022-23

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि हिमाचल प्रदेश की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2022-23

Total Expenditure

2023-24

Rs 52,707 crore

2022-23

Rs 55,500 crore

2023-24 is -5.0% lower
Total Receipts

2023-24

Rs 40,446 crore

2022-23

Rs 42,000 crore

2023-24 is -3.7% lower
Capital Expenditure

2023-24

Rs 6,781 crore

2022-23

Rs 8,500 crore

2023-24 is -20.2% lower
Tax Revenue

2023-24

Rs 12,769 crore

2022-23

Rs 14,500 crore

2023-24 is -11.9% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2023-24

5.9%

2022-23

5.8%

2023-24 is +1.7% higher
Interest Payments

2023-24

Rs 5,658 crore

2022-23

Rs 7,000 crore

2023-24 is -19.2% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2023-242022-23अंतर
कुल प्राप्तियांरु 40,446 करोड़रु 42,000 करोड़-3.7%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 12,769 करोड़रु 14,500 करोड़-11.9%
गैर-कर राजस्वरु 3,325 करोड़रु 9,000 करोड़-63.1%
कुल व्ययरु 52,707 करोड़रु 55,500 करोड़-5.0%
राजस्व व्ययरु 45,926 करोड़रु 47,000 करोड़-2.3%
पूंजीगत व्ययरु 6,781 करोड़रु 8,500 करोड़-20.2%
ब्याज भुगतानरु 5,658 करोड़रु 7,000 करोड़-19.2%
राजकोषीय घाटारु 12,295 करोड़रु 11,500 करोड़+6.9%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)5.9%5.8%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात39.5%44.5%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2022-23

2022-23 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2023-242022-23Difference
1. Education
Rs 7,400 crore
Rs 0
—
2. Health & Family Welfare
Rs 3,650 crore
Rs 0
—
3. Energy
Rs 3,400 crore
Rs 0
—
4. Rural Development
Rs 3,350 crore
Rs 0
—
5. Transport & Roads
Rs 3,000 crore
Rs 0
—
6. Police & Home
Rs 2,520 crore
Rs 0
—
7. Social Welfare
Rs 2,150 crore
Rs 0
—
8. Agriculture & Allied
Rs 2,100 crore
Rs 0
—
9. Water Supply & Sanitation
Rs 1,550 crore
Rs 0
—
10. Urban Development
Rs 1,400 crore
Rs 0
—

हिमाचल प्रदेश का बजट 2022-23 से 2023-24 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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