हिमाचल प्रदेश बजट — 2024-25 vs 2023-24
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि हिमाचल प्रदेश की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2024-25 बनाम 2023-24
2024-25
Rs 52,937 crore
2023-24
Rs 52,707 crore
2024-25
Rs 42,153 crore
2023-24
Rs 40,446 crore
2024-25
Rs 6,270 crore
2023-24
Rs 6,781 crore
2024-25
Rs 15,101 crore
2023-24
Rs 12,769 crore
2024-25
4.7%
2023-24
5.9%
2024-25
Rs 6,255 crore
2023-24
Rs 5,658 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2024-25 | 2023-24 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 42,153 करोड़ | रु 40,446 करोड़ | +4.2% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 15,101 करोड़ | रु 12,769 करोड़ | +18.3% |
| गैर-कर राजस्व | रु 3,641 करोड़ | रु 3,325 करोड़ | +9.5% |
| कुल व्यय | रु 52,937 करोड़ | रु 52,707 करोड़ | +0.4% |
| राजस्व व्यय | रु 46,667 करोड़ | रु 45,926 करोड़ | +1.6% |
| पूंजीगत व्यय | रु 6,270 करोड़ | रु 6,781 करोड़ | -7.5% |
| ब्याज भुगतान | रु 6,255 करोड़ | रु 5,658 करोड़ | +10.6% |
| राजकोषीय घाटा | रु 10,784 करोड़ | रु 12,295 करोड़ | -12.3% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 4.7% | 5.9% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 38.7% | 39.5% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2024-25 बनाम 2023-24
2023-24 और 2024-25 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2024-25 | 2023-24 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 7,950 crore | Rs 7,400 crore | +7.4% |
2. Health & Family Welfare | Rs 4,000 crore | Rs 3,650 crore | +9.6% |
3. Energy | Rs 3,650 crore | Rs 3,400 crore | +7.4% |
4. Rural Development | Rs 3,600 crore | Rs 3,350 crore | +7.5% |
5. Transport & Roads | Rs 3,300 crore | Rs 3,000 crore | +10.0% |
6. Police & Home | Rs 2,750 crore | Rs 2,520 crore | +9.1% |
7. Social Welfare | Rs 2,380 crore | Rs 2,150 crore | +10.7% |
8. Agriculture & Allied | Rs 2,350 crore | Rs 2,100 crore | +11.9% |
9. Water Supply & Sanitation | Rs 1,700 crore | Rs 1,550 crore | +9.7% |
10. Urban Development | Rs 1,550 crore | Rs 1,400 crore | +10.7% |
हिमाचल प्रदेश का बजट 2023-24 से 2024-25 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
पूरा विश्लेषण देखें 2024-25 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.