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जम्मू और कश्मीर बजट — 2021-22 vs 2023-24

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि जम्मू और कश्मीर की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2021-22 बनाम 2023-24

Total Expenditure

2021-22

Rs 69,300 crore

2023-24

Rs 84,700 crore

2021-22 is -18.2% lower
Total Receipts

2021-22

Rs 57,500 crore

2023-24

Rs 68,200 crore

2021-22 is -15.7% lower
Capital Expenditure

2021-22

Rs 12,500 crore

2023-24

Rs 13,500 crore

2021-22 is -7.4% lower
Tax Revenue

2021-22

Rs 10,200 crore

2023-24

Rs 12,500 crore

2021-22 is -18.4% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2021-22

3.8%

2023-24

4.2%

2021-22 is -9.5% lower
Interest Payments

2021-22

Rs 8,300 crore

2023-24

Rs 9,900 crore

2021-22 is -16.2% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2021-222023-24अंतर
कुल प्राप्तियांरु 57,500 करोड़रु 68,200 करोड़-15.7%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 10,200 करोड़रु 12,500 करोड़-18.4%
गैर-कर राजस्वरु 4,500 करोड़रु 5,700 करोड़-21.1%
कुल व्ययरु 69,300 करोड़रु 84,700 करोड़-18.2%
राजस्व व्ययरु 56,800 करोड़रु 64,500 करोड़-11.9%
पूंजीगत व्ययरु 12,500 करोड़रु 13,500 करोड़-7.4%
ब्याज भुगतानरु 8,300 करोड़रु 9,900 करोड़-16.2%
राजकोषीय घाटारु 7,500 करोड़रु 10,100 करोड़-25.7%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)3.8%4.2%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात47.5%51.0%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2021-22 बनाम 2023-24

2023-24 और 2021-22 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2021-222023-24Difference
1. Education
Rs 0
Rs 11,050 crore
-100.0%
2. Police & Home Affairs
Rs 0
Rs 7,900 crore
-100.0%
3. Rural Development & Panchayati Raj
Rs 0
Rs 6,300 crore
-100.0%
4. Public Works & Roads
Rs 0
Rs 6,300 crore
-100.0%
5. Energy & Power
Rs 0
Rs 5,500 crore
-100.0%
6. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 5,000 crore
-100.0%
7. Agriculture & Allied
Rs 0
Rs 3,450 crore
-100.0%
8. Water Supply & Jal Jeevan
Rs 0
Rs 3,150 crore
-100.0%
9. Social Welfare
Rs 0
Rs 3,150 crore
-100.0%
10. Urban Development & Housing
Rs 0
Rs 3,100 crore
-100.0%

जम्मू और कश्मीर का बजट 2023-24 से 2021-22 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2021-22 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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