झारखंड बजट — 2015-16 vs 2026-27
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि झारखंड की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2015-16 बनाम 2026-27
2015-16
Rs 43,700 crore
2026-27
Rs 1.5 lakh crore
2015-16
Rs 36,800 crore
2026-27
Rs 1.36 lakh crore
2015-16
Rs 8,200 crore
2026-27
Rs 29,254 crore
2015-16
Rs 11,200 crore
2026-27
Rs 97,236 crore
2015-16
2.7%
2026-27
2.2%
2015-16
Rs 3,400 crore
2026-27
Rs 6,520 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2015-16 | 2026-27 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 36,800 करोड़ | रु 1.36 लाख करोड़ | -73.0% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 11,200 करोड़ | रु 97,236 करोड़ | -88.5% |
| गैर-कर राजस्व | रु 5,800 करोड़ | रु 20,700 करोड़ | -72.0% |
| कुल व्यय | रु 43,700 करोड़ | रु 1.5 लाख करोड़ | -70.9% |
| राजस्व व्यय | रु 35,500 करोड़ | रु 1.21 लाख करोड़ | -70.6% |
| पूंजीगत व्यय | रु 8,200 करोड़ | रु 29,254 करोड़ | -72.0% |
| ब्याज भुगतान | रु 3,400 करोड़ | रु 6,520 करोड़ | -47.9% |
| राजकोषीय घाटा | रु 5,200 करोड़ | रु 13,596 करोड़ | -61.8% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 2.7% | 2.2% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 19.7% | 25.8% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2015-16 बनाम 2026-27
2026-27 और 2015-16 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2015-16 | 2026-27 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Social Welfare and Nutrition | Rs 0 | Rs 24,900 crore | -100.0% |
2. Rural Development | Rs 0 | Rs 19,687 crore | -100.0% |
3. Education, Sports, Arts and Culture | Rs 0 | Rs 19,320 crore | -100.0% |
4. Police | Rs 0 | Rs 8,291 crore | -100.0% |
5. Health and Family Welfare | Rs 0 | Rs 7,997 crore | -100.0% |
6. Energy | Rs 0 | Rs 7,379 crore | -100.0% |
7. Transport | Rs 0 | Rs 6,994 crore | -100.0% |
8. Agriculture and Allied Activities | Rs 0 | Rs 6,468 crore | -100.0% |
9. Water Supply and Sanitation | Rs 0 | Rs 5,208 crore | -100.0% |
10. Urban Development | Rs 0 | Rs 3,768 crore | -100.0% |
झारखंड का बजट 2026-27 से 2015-16 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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