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झारखंड बजट — 2026-27 vs 2022-23

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि झारखंड की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2026-27 बनाम 2022-23

Total Expenditure

2026-27

Rs 1.5 lakh crore

2022-23

Rs 89,400 crore

2026-27 is +67.9% higher
Total Receipts

2026-27

Rs 1.36 lakh crore

2022-23

Rs 70,500 crore

2026-27 is +93.2% higher
Capital Expenditure

2026-27

Rs 29,254 crore

2022-23

Rs 16,200 crore

2026-27 is +80.6% higher
Tax Revenue

2026-27

Rs 97,236 crore

2022-23

Rs 22,800 crore

2026-27 is +326.5% higher
Fiscal Deficit (% GDP)

2026-27

2.2%

2022-23

3.4%

2026-27 is -35.3% lower
Interest Payments

2026-27

Rs 6,520 crore

2022-23

Rs 9,300 crore

2026-27 is -29.9% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2026-272022-23अंतर
कुल प्राप्तियांरु 1.36 लाख करोड़रु 70,500 करोड़+93.2%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 97,236 करोड़रु 22,800 करोड़+326.5%
गैर-कर राजस्वरु 20,700 करोड़रु 11,200 करोड़+84.8%
कुल व्ययरु 1.5 लाख करोड़रु 89,400 करोड़+67.9%
राजस्व व्ययरु 1.21 लाख करोड़रु 73,200 करोड़+65.1%
पूंजीगत व्ययरु 29,254 करोड़रु 16,200 करोड़+80.6%
ब्याज भुगतानरु 6,520 करोड़रु 9,300 करोड़-29.9%
राजकोषीय घाटारु 13,596 करोड़रु 13,500 करोड़+0.7%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)2.2%3.4%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात25.8%27.0%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2026-27 बनाम 2022-23

2022-23 और 2026-27 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2026-272022-23Difference
1. Social Welfare and Nutrition
Rs 24,900 crore
Rs 0
—
2. Rural Development
Rs 19,687 crore
Rs 0
—
3. Education, Sports, Arts and Culture
Rs 19,320 crore
Rs 0
—
4. Police
Rs 8,291 crore
Rs 0
—
5. Health and Family Welfare
Rs 7,997 crore
Rs 0
—
6. Energy
Rs 7,379 crore
Rs 0
—
7. Transport
Rs 6,994 crore
Rs 0
—
8. Agriculture and Allied Activities
Rs 6,468 crore
Rs 0
—
9. Water Supply and Sanitation
Rs 5,208 crore
Rs 0
—
10. Urban Development
Rs 3,768 crore
Rs 0
—

झारखंड का बजट 2022-23 से 2026-27 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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