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कर्नाटक बजट — 2025-26 vs 2021-22

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि कर्नाटक की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2025-26 बनाम 2021-22

Total Expenditure

2025-26

Rs 3.69 lakh crore

2021-22

Rs 2.6 lakh crore

2025-26 is +41.9% higher
Total Receipts

2025-26

Rs 2.77 lakh crore

2021-22

Rs 2.1 lakh crore

2025-26 is +32.1% higher
Capital Expenditure

2025-26

Rs 65,982 crore

2021-22

Rs 42,000 crore

2025-26 is +57.1% higher
Tax Revenue

2025-26

Rs 1.55 lakh crore

2021-22

Rs 1.35 lakh crore

2025-26 is +14.8% higher
Fiscal Deficit (% GDP)

2025-26

3.0%

2021-22

2.5%

2025-26 is +20.0% higher
Interest Payments

2025-26

Rs 38,428 crore

2021-22

Rs 27,000 crore

2025-26 is +42.3% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2025-262021-22अंतर
कुल प्राप्तियांरु 2.77 लाख करोड़रु 2.1 लाख करोड़+32.1%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 1.55 लाख करोड़रु 1.35 लाख करोड़+14.8%
गैर-कर राजस्वरु 18,000 करोड़रु 75,000 करोड़-76.0%
कुल व्ययरु 3.69 लाख करोड़रु 2.6 लाख करोड़+41.9%
राजस्व व्ययरु 3.12 लाख करोड़रु 2.18 लाख करोड़+43.1%
पूंजीगत व्ययरु 65,982 करोड़रु 42,000 करोड़+57.1%
ब्याज भुगतानरु 38,428 करोड़रु 27,000 करोड़+42.3%
राजकोषीय घाटारु 91,261 करोड़रु 45,000 करोड़+102.8%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)3.0%2.5%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात20.2%19.5%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2025-26 बनाम 2021-22

2021-22 और 2025-26 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2025-262021-22Difference
1. Education
Rs 47,000 crore
Rs 0
—
2. Rural Development & Panchayat Raj
Rs 36,000 crore
Rs 0
—
3. Health & Family Welfare
Rs 27,000 crore
Rs 0
—
4. Water Resources
Rs 22,000 crore
Rs 0
—
5. Transport & Infrastructure
Rs 21,000 crore
Rs 0
—
6. Agriculture & Allied
Rs 21,000 crore
Rs 0
—
7. Urban Development
Rs 20,000 crore
Rs 0
—
8. Energy
Rs 19,000 crore
Rs 0
—
9. Social Welfare
Rs 18,000 crore
Rs 0
—
10. Police & Home
Rs 16,000 crore
Rs 0
—

कर्नाटक का बजट 2021-22 से 2025-26 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2025-26 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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