केरल बजट — 2024-25 vs 2023-24
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि केरल की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2024-25 बनाम 2023-24
2024-25
Rs 1.82 lakh crore
2023-24
Rs 1.66 lakh crore
2024-25
Rs 1.39 lakh crore
2023-24
Rs 1.27 lakh crore
2024-25
Rs 15,663 crore
2023-24
Rs 14,398 crore
2024-25
Rs 84,884 crore
2023-24
Rs 77,038 crore
2024-25
3.4%
2023-24
3.5%
2024-25
Rs 28,694 crore
2023-24
Rs 26,843 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2024-25 | 2023-24 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 1.39 लाख करोड़ | रु 1.27 लाख करोड़ | +9.3% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 84,884 करोड़ | रु 77,038 करोड़ | +10.2% |
| गैर-कर राजस्व | रु 18,356 करोड़ | रु 16,853 करोड़ | +8.9% |
| कुल व्यय | रु 1.82 लाख करोड़ | रु 1.66 लाख करोड़ | +9.9% |
| राजस्व व्यय | रु 1.67 लाख करोड़ | रु 1.51 लाख करोड़ | +10.0% |
| पूंजीगत व्यय | रु 15,663 करोड़ | रु 14,398 करोड़ | +8.8% |
| ब्याज भुगतान | रु 28,694 करोड़ | रु 26,843 करोड़ | +6.9% |
| राजकोषीय घाटा | रु 44,529 करोड़ | रु 40,461 करोड़ | +10.1% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 3.4% | 3.5% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 29.7% | 31.4% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2024-25 बनाम 2023-24
2023-24 और 2024-25 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2024-25 | 2023-24 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 27,200 crore | Rs 24,400 crore | +11.5% |
2. Health & Family Welfare | Rs 16,600 crore | Rs 14,800 crore | +12.2% |
3. Social Welfare | Rs 13,700 crore | Rs 12,000 crore | +14.2% |
4. Rural Development | Rs 11,100 crore | Rs 9,800 crore | +13.3% |
5. Police & Home | Rs 9,000 crore | Rs 7,800 crore | +15.4% |
6. Agriculture & Allied | Rs 8,400 crore | Rs 7,500 crore | +12.0% |
7. Transport & Roads | Rs 7,500 crore | Rs 6,500 crore | +15.4% |
8. Urban Development | Rs 6,900 crore | Rs 5,900 crore | +16.9% |
9. Water Supply & Sanitation | Rs 6,500 crore | Rs 5,600 crore | +16.1% |
10. Energy | Rs 6,200 crore | Rs 5,500 crore | +12.7% |
केरल का बजट 2023-24 से 2024-25 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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