केरल vs गुजरात — बजट तुलना 2024-25
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सरकारी बजट डेटा की तुलना
प्रमुख बजट मापदंड — केरल बनाम गुजरात
केरल
Rs 1.82 lakh crore
गुजरात
Rs 2.84 lakh crore
केरल
Rs 1.39 lakh crore
गुजरात
Rs 2.33 lakh crore
केरल
Rs 15,663 crore
गुजरात
Rs 71,921 crore
केरल
Rs 84,884 crore
गुजरात
Rs 1.12 lakh crore
केरल
3.4%
गुजरात
1.9%
केरल
Rs 28,694 crore
गुजरात
Rs 28,570 crore
प्राप्तियां एवं व्यय तुलना — 2024-25
| विवरण | केरल | गुजरात | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 1.39 लाख करोड़ | रु 2.33 लाख करोड़ | -40.6% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 84,884 करोड़ | रु 1.12 लाख करोड़ | -24.2% |
| गैर-कर राजस्व | रु 18,356 करोड़ | रु 13,500 करोड़ | +36.0% |
| कुल व्यय | रु 1.82 लाख करोड़ | रु 2.84 लाख करोड़ | -35.8% |
| राजस्व व्यय | रु 1.67 लाख करोड़ | रु 2.12 लाख करोड़ | -21.5% |
| पूंजीगत व्यय | रु 15,663 करोड़ | रु 71,921 करोड़ | -78.2% |
| ब्याज भुगतान | रु 28,694 करोड़ | रु 28,570 करोड़ | +0.4% |
| राजकोषीय घाटा | रु 44,529 करोड़ | रु 50,570 करोड़ | -11.9% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 3.4% | 1.9% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 29.7% | 15.4% | — |
केरल — राजस्व संरचना
गुजरात — राजस्व संरचना
विभागवार आवंटन — केरल बनाम गुजरात
| Department | केरल | गुजरात | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 27,200 crore | Rs 37,000 crore | -26.5% |
2. Transport & Roads | Rs 7,500 crore | Rs 22,000 crore | -65.9% |
3. Health & Family Welfare | Rs 16,600 crore | Rs 19,500 crore | -14.9% |
4. Rural Development | Rs 11,100 crore | Rs 18,000 crore | -38.3% |
5. Water Supply & Sanitation | Rs 6,500 crore | Rs 17,000 crore | -61.8% |
6. Energy | Rs 6,200 crore | Rs 15,500 crore | -60.0% |
7. Agriculture & Allied | Rs 8,400 crore | Rs 14,500 crore | -42.1% |
8. Social Welfare | Rs 13,700 crore | Rs 0 | — |
9. Urban Development | Rs 6,900 crore | Rs 13,000 crore | -46.9% |
10. Police & Home | Rs 9,000 crore | Rs 12,000 crore | -25.0% |
11. Water Resources & Irrigation | Rs 0 | Rs 11,500 crore | -100.0% |
केरल बनाम गुजरात बजट विश्लेषण 2024-25
केरल और गुजरात के बजट की तुलना से यह पता चलता है कि विभिन्न राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में खर्च को कैसे प्राथमिकता देते हैं। राज्य बजट वे प्राथमिक साधन हैं जिनके माध्यम से राज्य सरकारें संसाधन आवंटित करती हैं और कल्याणकारी योजनाएं लागू करती हैं।
राज्य बजट संरचनाओं में प्रमुख अंतर राजस्व क्षमता (अपना कर राजस्व बनाम केंद्रीय हस्तांतरण), व्यय प्राथमिकताओं (पूंजीगत निवेश बनाम राजस्व व्यय), और राजकोषीय प्रबंधन (घाटे का स्तर और ऋण स्थिरता) से उत्पन्न होते हैं। वित्त आयोग की सिफारिशें यह तय करती हैं कि केंद्रीय कर राजस्व राज्यों के साथ कैसे साझा किया जाए।
केंद्र सरकार किस तरह संसाधन आवंटित करती है, इसके व्यापक दृष्टिकोण के लिए, देखें भारत केंद्रीय बजट 2024-25 विश्लेषण। आप अन्य बजट तुलनाएं भी देख सकते हैं।
संबंधित बजट तुलनाएं
और तुलनाएं देखें
किसी भी दो राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों या भारत की 17 वित्तीय वर्षों में तुलना करें