मध्य प्रदेश बजट — 2020-21 vs 2024-25
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि मध्य प्रदेश की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2020-21 बनाम 2024-25
2020-21
Rs 2.09 lakh crore
2024-25
Rs 3.26 lakh crore
2020-21
Rs 1.46 lakh crore
2024-25
Rs 2.63 lakh crore
2020-21
Rs 44,343 crore
2024-25
Rs 61,633 crore
2020-21
Rs 1.01 lakh crore
2024-25
Rs 1.02 lakh crore
2020-21
5.4%
2024-25
4.1%
2020-21
Rs 15,918 crore
2024-25
Rs 27,400 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2020-21 | 2024-25 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 1.46 लाख करोड़ | रु 2.63 लाख करोड़ | -44.4% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 1.01 लाख करोड़ | रु 1.02 लाख करोड़ | -0.7% |
| गैर-कर राजस्व | रु 9,902 करोड़ | रु 20,603 करोड़ | -51.9% |
| कुल व्यय | रु 2.09 लाख करोड़ | रु 3.26 लाख करोड़ | -35.9% |
| राजस्व व्यय | रु 1.65 लाख करोड़ | रु 2.62 लाख करोड़ | -37.0% |
| पूंजीगत व्यय | रु 44,343 करोड़ | रु 61,633 करोड़ | -28.1% |
| ब्याज भुगतान | रु 15,918 करोड़ | रु 27,400 करोड़ | -41.9% |
| राजकोषीय घाटा | रु 49,870 करोड़ | रु 62,564 करोड़ | -20.3% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 5.44% | 4.11% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 28.8% | 32% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2020-21 बनाम 2024-25
2024-25 और 2020-21 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2020-21 | 2024-25 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 0 | Rs 48,087 crore | -100.0% |
2. Social Welfare & Nutrition | Rs 0 | Rs 34,049 crore | -100.0% |
3. Energy | Rs 0 | Rs 24,891 crore | -100.0% |
4. Agriculture & Allied | Rs 0 | Rs 22,193 crore | -100.0% |
5. Health & Family Welfare | Rs 0 | Rs 21,714 crore | -100.0% |
6. Rural Development | Rs 0 | Rs 14,918 crore | -100.0% |
7. Water Resources & Irrigation | Rs 0 | Rs 12,998 crore | -100.0% |
8. Police & Home | Rs 0 | Rs 10,663 crore | -100.0% |
9. Water Supply & Sanitation | Rs 0 | Rs 9,793 crore | -100.0% |
10. Transport & Roads | Rs 0 | Rs 9,386 crore | -100.0% |
मध्य प्रदेश का बजट 2024-25 से 2020-21 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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