मध्य प्रदेश बजट — 2021-22 vs 2020-21
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि मध्य प्रदेश की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2021-22 बनाम 2020-21
2021-22
Rs 2.4 lakh crore
2020-21
Rs 2.09 lakh crore
2021-22
Rs 1.86 lakh crore
2020-21
Rs 1.46 lakh crore
2021-22
Rs 59,125 crore
2020-21
Rs 44,343 crore
2021-22
Rs 1.36 lakh crore
2020-21
Rs 1.01 lakh crore
2021-22
3.3%
2020-21
5.4%
2021-22
Rs 18,446 crore
2020-21
Rs 15,918 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2021-22 | 2020-21 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 1.86 लाख करोड़ | रु 1.46 लाख करोड़ | +27.0% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 1.36 लाख करोड़ | रु 1.01 लाख करोड़ | +33.9% |
| गैर-कर राजस्व | रु 15,305 करोड़ | रु 9,902 करोड़ | +54.6% |
| कुल व्यय | रु 2.4 लाख करोड़ | रु 2.09 लाख करोड़ | +14.9% |
| राजस्व व्यय | रु 1.81 लाख करोड़ | रु 1.65 लाख करोड़ | +9.9% |
| पूंजीगत व्यय | रु 59,125 करोड़ | रु 44,343 करोड़ | +33.3% |
| ब्याज भुगतान | रु 18,446 करोड़ | रु 15,918 करोड़ | +15.9% |
| राजकोषीय घाटा | रु 37,487 करोड़ | रु 49,870 करोड़ | -24.8% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 3.3% | 5.44% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | —% | 28.8% | — |
मध्य प्रदेश का बजट 2020-21 से 2021-22 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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