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मिज़ोरम बजट — 2017-18 vs 2024-25

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि मिज़ोरम की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2017-18 बनाम 2024-25

Total Expenditure

2017-18

Rs 6,900 crore

2024-25

Rs 14,277 crore

2017-18 is -51.7% lower
Total Receipts

2017-18

Rs 6,500 crore

2024-25

Rs 12,386 crore

2017-18 is -47.5% lower
Capital Expenditure

2017-18

Rs 900 crore

2024-25

Rs 1,954 crore

2017-18 is -53.9% lower
Tax Revenue

2017-18

Rs 700 crore

2024-25

Rs 1,312 crore

2017-18 is -46.6% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2017-18

2.9%

2024-25

2.8%

2017-18 is +3.6% higher
Interest Payments

2017-18

Rs 400 crore

2024-25

Rs 446 crore

2017-18 is -10.3% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2017-182024-25अंतर
कुल प्राप्तियांरु 6,500 करोड़रु 12,386 करोड़-47.5%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 700 करोड़रु 1,312 करोड़-46.6%
गैर-कर राजस्वरु 1,700 करोड़रु 1,122 करोड़+51.5%
कुल व्ययरु 6,900 करोड़रु 14,277 करोड़-51.7%
राजस्व व्ययरु 6,000 करोड़रु 11,822 करोड़-49.2%
पूंजीगत व्ययरु 900 करोड़रु 1,954 करोड़-53.9%
ब्याज भुगतानरु 400 करोड़रु 446 करोड़-10.3%
राजकोषीय घाटारु 400 करोड़रु 1,366 करोड़-70.7%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)2.9%2.8%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात34.3%23.3%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2017-18 बनाम 2024-25

2024-25 और 2017-18 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2017-182024-25Difference
1. Education
Rs 0
Rs 2,270 crore
-100.0%
2. Rural Development
Rs 0
Rs 1,510 crore
-100.0%
3. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 1,160 crore
-100.0%
4. Public Works & Roads
Rs 0
Rs 1,140 crore
-100.0%
5. Police & Home
Rs 0
Rs 1,055 crore
-100.0%
6. Agriculture & Allied
Rs 0
Rs 730 crore
-100.0%
7. Social Welfare
Rs 0
Rs 590 crore
-100.0%
8. Energy
Rs 0
Rs 520 crore
-100.0%
9. Water Supply & Sanitation
Rs 0
Rs 430 crore
-100.0%
10. Forestry & Environment
Rs 0
Rs 290 crore
-100.0%

मिज़ोरम का बजट 2024-25 से 2017-18 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2017-18 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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