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मिज़ोरम बजट — 2020-21 vs 2019-20

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि मिज़ोरम की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2020-21 बनाम 2019-20

Total Expenditure

2020-21

Rs 10,300 crore

2019-20

Rs 9,300 crore

2020-21 is +10.8% higher
Total Receipts

2020-21

Rs 8,500 crore

2019-20

Rs 8,200 crore

2020-21 is +3.7% higher
Capital Expenditure

2020-21

Rs 1,500 crore

2019-20

Rs 1,300 crore

2020-21 is +15.4% higher
Tax Revenue

2020-21

Rs 900 crore

2019-20

Rs 950 crore

2020-21 is -5.3% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2020-21

9.5%

2019-20

6.1%

2020-21 is +55.7% higher
Interest Payments

2020-21

Rs 700 crore

2019-20

Rs 600 crore

2020-21 is +16.7% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2020-212019-20अंतर
कुल प्राप्तियांरु 8,500 करोड़रु 8,200 करोड़+3.7%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 900 करोड़रु 950 करोड़-5.3%
गैर-कर राजस्वरु 2,100 करोड़रु 2,200 करोड़-4.5%
कुल व्ययरु 10,300 करोड़रु 9,300 करोड़+10.8%
राजस्व व्ययरु 8,800 करोड़रु 8,000 करोड़+10.0%
पूंजीगत व्ययरु 1,500 करोड़रु 1,300 करोड़+15.4%
ब्याज भुगतानरु 700 करोड़रु 600 करोड़+16.7%
राजकोषीय घाटारु 1,800 करोड़रु 1,100 करोड़+63.6%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)9.5%6.1%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात43.2%36.7%—

मिज़ोरम का बजट 2019-20 से 2020-21 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2020-21 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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