मिज़ोरम बजट — 2021-22 vs 2023-24
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि मिज़ोरम की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2021-22 बनाम 2023-24
2021-22
Rs 11,100 crore
2023-24
Rs 16,105 crore
2021-22
Rs 9,500 crore
2023-24
Rs 12,766 crore
2021-22
Rs 1,600 crore
2023-24
Rs 2,128 crore
2021-22
Rs 1,100 crore
2023-24
Rs 1,183 crore
2021-22
7.3%
2023-24
4.7%
2021-22
Rs 800 crore
2023-24
Rs 433 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2021-22 | 2023-24 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 9,500 करोड़ | रु 12,766 करोड़ | -25.6% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 1,100 करोड़ | रु 1,183 करोड़ | -7.0% |
| गैर-कर राजस्व | रु 2,500 करोड़ | रु 902 करोड़ | +177.2% |
| कुल व्यय | रु 11,100 करोड़ | रु 16,105 करोड़ | -31.1% |
| राजस्व व्यय | रु 9,500 करोड़ | रु 12,509 करोड़ | -24.1% |
| पूंजीगत व्यय | रु 1,600 करोड़ | रु 2,128 करोड़ | -24.8% |
| ब्याज भुगतान | रु 800 करोड़ | रु 433 करोड़ | +84.8% |
| राजकोषीय घाटा | रु 1,600 करोड़ | रु 1,863 करोड़ | -14.1% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 7.3% | 4.7% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 43.2% | 25.7% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2021-22 बनाम 2023-24
2023-24 और 2021-22 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2021-22 | 2023-24 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 0 | Rs 2,150 crore | -100.0% |
2. Rural Development | Rs 0 | Rs 1,430 crore | -100.0% |
3. Health & Family Welfare | Rs 0 | Rs 1,110 crore | -100.0% |
4. Public Works & Roads | Rs 0 | Rs 1,080 crore | -100.0% |
5. Police & Home | Rs 0 | Rs 980 crore | -100.0% |
6. Agriculture & Allied | Rs 0 | Rs 680 crore | -100.0% |
7. Social Welfare | Rs 0 | Rs 545 crore | -100.0% |
8. Energy | Rs 0 | Rs 500 crore | -100.0% |
9. Water Supply & Sanitation | Rs 0 | Rs 410 crore | -100.0% |
10. Forestry & Environment | Rs 0 | Rs 265 crore | -100.0% |
मिज़ोरम का बजट 2023-24 से 2021-22 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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