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मिज़ोरम बजट — 2023-24 vs 2022-23

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि मिज़ोरम की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2022-23

Total Expenditure

2023-24

Rs 16,105 crore

2022-23

Rs 12,600 crore

2023-24 is +27.8% higher
Total Receipts

2023-24

Rs 12,766 crore

2022-23

Rs 11,000 crore

2023-24 is +16.1% higher
Capital Expenditure

2023-24

Rs 2,128 crore

2022-23

Rs 1,800 crore

2023-24 is +18.2% higher
Tax Revenue

2023-24

Rs 1,183 crore

2022-23

Rs 1,300 crore

2023-24 is -9.0% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2023-24

4.7%

2022-23

6.4%

2023-24 is -26.6% lower
Interest Payments

2023-24

Rs 433 crore

2022-23

Rs 900 crore

2023-24 is -51.9% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2023-242022-23अंतर
कुल प्राप्तियांरु 12,766 करोड़रु 11,000 करोड़+16.1%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 1,183 करोड़रु 1,300 करोड़-9.0%
गैर-कर राजस्वरु 902 करोड़रु 3,000 करोड़-69.9%
कुल व्ययरु 16,105 करोड़रु 12,600 करोड़+27.8%
राजस्व व्ययरु 12,509 करोड़रु 10,800 करोड़+15.8%
पूंजीगत व्ययरु 2,128 करोड़रु 1,800 करोड़+18.2%
ब्याज भुगतानरु 433 करोड़रु 900 करोड़-51.9%
राजकोषीय घाटारु 1,863 करोड़रु 1,600 करोड़+16.4%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)4.7%6.4%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात25.7%43.2%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2022-23

2022-23 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2023-242022-23Difference
1. Education
Rs 2,150 crore
Rs 0
—
2. Rural Development
Rs 1,430 crore
Rs 0
—
3. Health & Family Welfare
Rs 1,110 crore
Rs 0
—
4. Public Works & Roads
Rs 1,080 crore
Rs 0
—
5. Police & Home
Rs 980 crore
Rs 0
—
6. Agriculture & Allied
Rs 680 crore
Rs 0
—
7. Social Welfare
Rs 545 crore
Rs 0
—
8. Energy
Rs 500 crore
Rs 0
—
9. Water Supply & Sanitation
Rs 410 crore
Rs 0
—
10. Forestry & Environment
Rs 265 crore
Rs 0
—

मिज़ोरम का बजट 2022-23 से 2023-24 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2023-24 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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