ओडिशा बजट — 2016-17 vs 2025-26
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि ओडिशा की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2016-17 बनाम 2025-26
2016-17
Rs 75,000 crore
2025-26
Rs 2.9 lakh crore
2016-17
Rs 57,500 crore
2025-26
Rs 2.31 lakh crore
2016-17
Rs 15,200 crore
2025-26
Rs 60,153 crore
2016-17
Rs 20,200 crore
2025-26
Rs 66,000 crore
2016-17
2.5%
2025-26
3.5%
2016-17
Rs 5,100 crore
2025-26
Rs 6,700 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2016-17 | 2025-26 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 57,500 करोड़ | रु 2.31 लाख करोड़ | -75.1% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 20,200 करोड़ | रु 66,000 करोड़ | -69.4% |
| गैर-कर राजस्व | रु 9,100 करोड़ | रु 62,000 करोड़ | -85.3% |
| कुल व्यय | रु 75,000 करोड़ | रु 2.9 लाख करोड़ | -74.1% |
| राजस्व व्यय | रु 59,800 करोड़ | रु 2.01 लाख करोड़ | -70.2% |
| पूंजीगत व्यय | रु 15,200 करोड़ | रु 60,153 करोड़ | -74.7% |
| ब्याज भुगतान | रु 5,100 करोड़ | रु 6,700 करोड़ | -23.9% |
| राजकोषीय घाटा | रु 8,600 करोड़ | रु 34,200 करोड़ | -74.9% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 2.5% | 3.5% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 17.3% | 18.8% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2016-17 बनाम 2025-26
2025-26 और 2016-17 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2016-17 | 2025-26 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 0 | Rs 27,000 crore | -100.0% |
2. Rural Development | Rs 0 | Rs 26,000 crore | -100.0% |
3. Social Welfare | Rs 0 | Rs 16,000 crore | -100.0% |
4. Health & Family Welfare | Rs 0 | Rs 15,500 crore | -100.0% |
5. Water Resources & Irrigation | Rs 0 | Rs 15,000 crore | -100.0% |
6. Transport & Roads | Rs 0 | Rs 14,500 crore | -100.0% |
7. Agriculture & Allied | Rs 0 | Rs 14,000 crore | -100.0% |
8. Energy | Rs 0 | Rs 13,000 crore | -100.0% |
9. Urban Development | Rs 0 | Rs 11,000 crore | -100.0% |
10. Police & Home | Rs 0 | Rs 8,500 crore | -100.0% |
ओडिशा का बजट 2025-26 से 2016-17 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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