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ओडिशा बजट — 2019-20 vs 2023-24

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि ओडिशा की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2019-20 बनाम 2023-24

Total Expenditure

2019-20

Rs 1.05 lakh crore

2023-24

Rs 2.12 lakh crore

2019-20 is -50.4% lower
Total Receipts

2019-20

Rs 79,200 crore

2023-24

Rs 1.85 lakh crore

2019-20 is -57.3% lower
Capital Expenditure

2019-20

Rs 18,500 crore

2023-24

Rs 46,152 crore

2019-20 is -59.9% lower
Tax Revenue

2019-20

Rs 28,500 crore

2023-24

Rs 54,000 crore

2019-20 is -47.2% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2019-20

2.6%

2023-24

3.0%

2019-20 is -13.3% lower
Interest Payments

2019-20

Rs 8,400 crore

2023-24

Rs 6,724 crore

2019-20 is +24.9% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2019-202023-24अंतर
कुल प्राप्तियांरु 79,200 करोड़रु 1.85 लाख करोड़-57.3%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 28,500 करोड़रु 54,000 करोड़-47.2%
गैर-कर राजस्वरु 13,200 करोड़रु 52,500 करोड़-74.9%
कुल व्ययरु 1.05 लाख करोड़रु 2.12 लाख करोड़-50.4%
राजस्व व्ययरु 86,500 करोड़रु 1.63 लाख करोड़-47.0%
पूंजीगत व्ययरु 18,500 करोड़रु 46,152 करोड़-59.9%
ब्याज भुगतानरु 8,400 करोड़रु 6,724 करोड़+24.9%
राजकोषीय घाटारु 13,200 करोड़रु 24,982 करोड़-47.2%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)2.6%3.0%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात18.2%19.8%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2019-20 बनाम 2023-24

2023-24 और 2019-20 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2019-202023-24Difference
1. Education
Rs 0
Rs 20,500 crore
-100.0%
2. Rural Development
Rs 0
Rs 20,000 crore
-100.0%
3. Social Welfare
Rs 0
Rs 11,900 crore
-100.0%
4. Water Resources & Irrigation
Rs 0
Rs 11,800 crore
-100.0%
5. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 11,700 crore
-100.0%
6. Transport & Roads
Rs 0
Rs 11,200 crore
-100.0%
7. Agriculture & Allied
Rs 0
Rs 10,500 crore
-100.0%
8. Energy
Rs 0
Rs 10,000 crore
-100.0%
9. Urban Development
Rs 0
Rs 8,000 crore
-100.0%
10. Police & Home
Rs 0
Rs 6,200 crore
-100.0%

ओडिशा का बजट 2023-24 से 2019-20 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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