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ओडिशा बजट — 2021-22 vs 2024-25

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि ओडिशा की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2021-22 बनाम 2024-25

Total Expenditure

2021-22

Rs 1.26 lakh crore

2024-25

Rs 2.44 lakh crore

2021-22 is -48.5% lower
Total Receipts

2021-22

Rs 97,200 crore

2024-25

Rs 2.11 lakh crore

2021-22 is -53.9% lower
Capital Expenditure

2021-22

Rs 24,200 crore

2024-25

Rs 58,195 crore

2021-22 is -58.4% lower
Tax Revenue

2021-22

Rs 32,800 crore

2024-25

Rs 60,000 crore

2021-22 is -45.3% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2021-22

2.7%

2024-25

3.5%

2021-22 is -22.9% lower
Interest Payments

2021-22

Rs 11,000 crore

2024-25

Rs 5,500 crore

2021-22 is +100.0% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2021-222024-25अंतर
कुल प्राप्तियांरु 97,200 करोड़रु 2.11 लाख करोड़-53.9%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 32,800 करोड़रु 60,000 करोड़-45.3%
गैर-कर राजस्वरु 18,500 करोड़रु 58,000 करोड़-68.1%
कुल व्ययरु 1.26 लाख करोड़रु 2.44 लाख करोड़-48.5%
राजस्व व्ययरु 1.01 लाख करोड़रु 1.84 लाख करोड़-44.7%
पूंजीगत व्ययरु 24,200 करोड़रु 58,195 करोड़-58.4%
ब्याज भुगतानरु 11,000 करोड़रु 5,500 करोड़+100.0%
राजकोषीय घाटारु 16,200 करोड़रु 32,403 करोड़-50.0%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)2.7%3.5%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात20.8%19.4%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2021-22 बनाम 2024-25

2024-25 और 2021-22 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2021-222024-25Difference
1. Education
Rs 0
Rs 23,500 crore
-100.0%
2. Rural Development
Rs 0
Rs 23,000 crore
-100.0%
3. Social Welfare
Rs 0
Rs 13,700 crore
-100.0%
4. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 13,500 crore
-100.0%
5. Water Resources & Irrigation
Rs 0
Rs 13,500 crore
-100.0%
6. Transport & Roads
Rs 0
Rs 12,800 crore
-100.0%
7. Agriculture & Allied
Rs 0
Rs 12,000 crore
-100.0%
8. Energy
Rs 0
Rs 11,500 crore
-100.0%
9. Urban Development
Rs 0
Rs 9,400 crore
-100.0%
10. Police & Home
Rs 0
Rs 7,200 crore
-100.0%

ओडिशा का बजट 2024-25 से 2021-22 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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