ओडिशा vs झारखंड — बजट तुलना 2024-25
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सरकारी बजट डेटा की तुलना
प्रमुख बजट मापदंड — ओडिशा बनाम झारखंड
ओडिशा
Rs 2.44 lakh crore
झारखंड
Rs 1.2 lakh crore
ओडिशा
Rs 2.11 lakh crore
झारखंड
Rs 1.11 lakh crore
ओडिशा
Rs 58,195 crore
झारखंड
Rs 23,987 crore
ओडिशा
Rs 60,000 crore
झारखंड
Rs 34,198 crore
ओडिशा
3.5%
झारखंड
2.0%
ओडिशा
Rs 5,500 crore
झारखंड
Rs 7,055 crore
प्राप्तियां एवं व्यय तुलना — 2024-25
| विवरण | ओडिशा | झारखंड | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 2.11 लाख करोड़ | रु 1.11 लाख करोड़ | +90.4% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 60,000 करोड़ | रु 34,198 करोड़ | +75.4% |
| गैर-कर राजस्व | रु 58,000 करोड़ | रु 19,300 करोड़ | +200.5% |
| कुल व्यय | रु 2.44 लाख करोड़ | रु 1.2 लाख करोड़ | +102.6% |
| राजस्व व्यय | रु 1.84 लाख करोड़ | रु 91,832 करोड़ | +99.9% |
| पूंजीगत व्यय | रु 58,195 करोड़ | रु 23,987 करोड़ | +142.6% |
| ब्याज भुगतान | रु 5,500 करोड़ | रु 7,055 करोड़ | -22.0% |
| राजकोषीय घाटा | रु 32,403 करोड़ | रु 9,500 करोड़ | +241.1% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 3.5% | 2.0% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 19.4% | 27.0% | — |
ओडिशा — राजस्व संरचना
झारखंड — राजस्व संरचना
विभागवार आवंटन — ओडिशा बनाम झारखंड
| Department | ओडिशा | झारखंड | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 23,500 crore | Rs 15,800 crore | +48.7% |
2. Rural Development | Rs 23,000 crore | Rs 13,200 crore | +74.2% |
3. Social Welfare | Rs 13,700 crore | Rs 5,800 crore | +136.2% |
4. Health & Family Welfare | Rs 13,500 crore | Rs 9,300 crore | +45.2% |
5. Water Resources & Irrigation | Rs 13,500 crore | Rs 0 | — |
6. Transport & Roads | Rs 12,800 crore | Rs 6,600 crore | +93.9% |
7. Agriculture & Allied | Rs 12,000 crore | Rs 7,000 crore | +71.4% |
8. Energy | Rs 11,500 crore | Rs 8,400 crore | +36.9% |
9. Urban Development | Rs 9,400 crore | Rs 4,700 crore | +100.0% |
10. Police & Home | Rs 7,200 crore | Rs 5,500 crore | +30.9% |
11. Water Supply & Sanitation | Rs 0 | Rs 5,500 crore | -100.0% |
ओडिशा बनाम झारखंड बजट विश्लेषण 2024-25
ओडिशा और झारखंड के बजट की तुलना से यह पता चलता है कि विभिन्न राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में खर्च को कैसे प्राथमिकता देते हैं। राज्य बजट वे प्राथमिक साधन हैं जिनके माध्यम से राज्य सरकारें संसाधन आवंटित करती हैं और कल्याणकारी योजनाएं लागू करती हैं।
राज्य बजट संरचनाओं में प्रमुख अंतर राजस्व क्षमता (अपना कर राजस्व बनाम केंद्रीय हस्तांतरण), व्यय प्राथमिकताओं (पूंजीगत निवेश बनाम राजस्व व्यय), और राजकोषीय प्रबंधन (घाटे का स्तर और ऋण स्थिरता) से उत्पन्न होते हैं। वित्त आयोग की सिफारिशें यह तय करती हैं कि केंद्रीय कर राजस्व राज्यों के साथ कैसे साझा किया जाए।
केंद्र सरकार किस तरह संसाधन आवंटित करती है, इसके व्यापक दृष्टिकोण के लिए, देखें भारत केंद्रीय बजट 2024-25 विश्लेषण। आप अन्य बजट तुलनाएं भी देख सकते हैं।
संबंधित बजट तुलनाएं
और तुलनाएं देखें
किसी भी दो राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों या भारत की 17 वित्तीय वर्षों में तुलना करें