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पुडुचेरी बजट — 2024-25 vs 2021-22

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि पुडुचेरी की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2024-25 बनाम 2021-22

Total Expenditure

2024-25

Rs 10,400 crore

2021-22

Rs 7,800 crore

2024-25 is +33.3% higher
Total Receipts

2024-25

Rs 9,500 crore

2021-22

Rs 7,200 crore

2024-25 is +31.9% higher
Capital Expenditure

2024-25

Rs 1,800 crore

2021-22

Rs 1,200 crore

2024-25 is +50.0% higher
Tax Revenue

2024-25

Rs 2,850 crore

2021-22

Rs 2,050 crore

2024-25 is +39.0% higher
Fiscal Deficit (% GDP)

2024-25

5.2%

2021-22

4.6%

2024-25 is +13.0% higher
Interest Payments

2024-25

Rs 650 crore

2021-22

Rs 500 crore

2024-25 is +30.0% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2024-252021-22अंतर
कुल प्राप्तियांरु 9,500 करोड़रु 7,200 करोड़+31.9%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 2,850 करोड़रु 2,050 करोड़+39.0%
गैर-कर राजस्वरु 700 करोड़रु 450 करोड़+55.6%
कुल व्ययरु 10,400 करोड़रु 7,800 करोड़+33.3%
राजस्व व्ययरु 8,600 करोड़रु 6,600 करोड़+30.3%
पूंजीगत व्ययरु 1,800 करोड़रु 1,200 करोड़+50.0%
ब्याज भुगतानरु 650 करोड़रु 500 करोड़+30.0%
राजकोषीय घाटारु 2,500 करोड़रु 1,600 करोड़+56.3%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)5.2%4.6%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात23.3%24.0%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2024-25 बनाम 2021-22

2021-22 और 2024-25 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2024-252021-22Difference
1. Education
Rs 2,050 crore
Rs 0
—
2. Health & Family Welfare
Rs 1,400 crore
Rs 0
—
3. Public Works & Roads
Rs 850 crore
Rs 0
—
4. Social Welfare
Rs 820 crore
Rs 0
—
5. Police & Home
Rs 670 crore
Rs 0
—
6. Energy & Power
Rs 660 crore
Rs 0
—
7. Rural Development
Rs 620 crore
Rs 0
—
8. Urban Development
Rs 530 crore
Rs 0
—
9. Agriculture & Allied
Rs 470 crore
Rs 0
—
10. Water Supply & Sanitation
Rs 390 crore
Rs 0
—

पुडुचेरी का बजट 2021-22 से 2024-25 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2024-25 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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