पुडुचेरी बजट — 2026-27 vs 2021-22
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि पुडुचेरी की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2026-27 बनाम 2021-22
2026-27
Rs 14,300 crore
2021-22
Rs 7,800 crore
2026-27
Rs 11,965.07 crore
2021-22
Rs 7,200 crore
2026-27
Rs 2,185 crore
2021-22
Rs 1,200 crore
2026-27
Rs 4,972 crore
2021-22
Rs 2,050 crore
2026-27
4.2%
2021-22
4.6%
2026-27
Rs 0
2021-22
Rs 500 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2026-27 | 2021-22 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 11,965.07 करोड़ | रु 7,200 करोड़ | +66.2% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 4,972 करोड़ | रु 2,050 करोड़ | +142.5% |
| गैर-कर राजस्व | रु 2,918.41 करोड़ | रु 450 करोड़ | +548.5% |
| कुल व्यय | रु 14,300 करोड़ | रु 7,800 करोड़ | +83.3% |
| राजस्व व्यय | रु 12,115 करोड़ | रु 6,600 करोड़ | +83.6% |
| पूंजीगत व्यय | रु 2,185 करोड़ | रु 1,200 करोड़ | +82.1% |
| ब्याज भुगतान | रु 0 | रु 500 करोड़ | -100.0% |
| राजकोषीय घाटा | रु 2,334.93 करोड़ | रु 1,600 करोड़ | +45.9% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 4.2% | 4.6% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 21.19% | 24.0% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2026-27 बनाम 2021-22
2021-22 और 2026-27 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2026-27 | 2021-22 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Electricity | Rs 1,157.25 crore | Rs 0 | — |
2. Finance | Rs 880.46 crore | Rs 0 | — |
3. Education | Rs 687.93 crore | Rs 0 | — |
4. Public Debt & Interest Payments | Rs 527.54 crore | Rs 0 | — |
5. Health | Rs 513.44 crore | Rs 0 | — |
6. Women & Child Development | Rs 441.16 crore | Rs 0 | — |
7. Public Works | Rs 341.83 crore | Rs 0 | — |
8. Home | Rs 255.29 crore | Rs 0 | — |
9. Civil Supplies | Rs 170.92 crore | Rs 0 | — |
10. Local Administration | Rs 155.63 crore | Rs 0 | — |
11. Adi Dravidar Welfare | Rs 91.21 crore | Rs 0 | — |
पुडुचेरी का बजट 2021-22 से 2026-27 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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