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पंजाब बजट — 2023-24 vs 2021-22

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि पंजाब की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2021-22

Total Expenditure

2023-24

Rs 1.29 lakh crore

2021-22

Rs 1.19 lakh crore

2023-24 is +9.2% higher
Total Receipts

2023-24

Rs 98,940 crore

2021-22

Rs 82,500 crore

2023-24 is +19.9% higher
Capital Expenditure

2023-24

Rs 6,406 crore

2021-22

Rs 14,500 crore

2023-24 is -55.8% lower
Tax Revenue

2023-24

Rs 51,400 crore

2021-22

Rs 40,200 crore

2023-24 is +27.9% higher
Fiscal Deficit (% GDP)

2023-24

4.1%

2021-22

5.2%

2023-24 is -21.2% lower
Interest Payments

2023-24

Rs 22,500 crore

2021-22

Rs 20,800 crore

2023-24 is +8.2% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2023-242021-22अंतर
कुल प्राप्तियांरु 98,940 करोड़रु 82,500 करोड़+19.9%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 51,400 करोड़रु 40,200 करोड़+27.9%
गैर-कर राजस्वरु 10,051 करोड़रु 10,800 करोड़-6.9%
कुल व्ययरु 1.29 लाख करोड़रु 1.19 लाख करोड़+9.2%
राजस्व व्ययरु 1.23 लाख करोड़रु 1.04 लाख करोड़+18.0%
पूंजीगत व्ययरु 6,406 करोड़रु 14,500 करोड़-55.8%
ब्याज भुगतानरु 22,500 करोड़रु 20,800 करोड़+8.2%
राजकोषीय घाटारु 30,311 करोड़रु 30,000 करोड़+1.0%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)4.1%5.2%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात49.6%46.4%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2021-22

2021-22 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2023-242021-22Difference
1. Education
Rs 15,800 crore
Rs 0
—
2. Agriculture & Allied
Rs 12,500 crore
Rs 0
—
3. Energy
Rs 10,500 crore
Rs 0
—
4. Health & Family Welfare
Rs 7,800 crore
Rs 0
—
5. Rural Development
Rs 7,500 crore
Rs 0
—
6. Police & Home
Rs 7,400 crore
Rs 0
—
7. Social Welfare
Rs 6,000 crore
Rs 0
—
8. Transport & Roads
Rs 3,900 crore
Rs 0
—
9. Urban Development
Rs 3,900 crore
Rs 0
—
10. Water Supply & Sanitation
Rs 3,800 crore
Rs 0
—

पंजाब का बजट 2021-22 से 2023-24 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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