पंजाब बजट — 2024-25 vs 2023-24
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि पंजाब की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2024-25 बनाम 2023-24
2024-25
Rs 1.35 lakh crore
2023-24
Rs 1.29 lakh crore
2024-25
Rs 1.04 lakh crore
2023-24
Rs 98,940 crore
2024-25
Rs 7,445 crore
2023-24
Rs 6,406 crore
2024-25
Rs 58,900 crore
2023-24
Rs 51,400 crore
2024-25
3.8%
2023-24
4.1%
2024-25
Rs 23,900 crore
2023-24
Rs 22,500 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2024-25 | 2023-24 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 1.04 लाख करोड़ | रु 98,940 करोड़ | +5.0% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 58,900 करोड़ | रु 51,400 करोड़ | +14.6% |
| गैर-कर राजस्व | रु 11,246 करोड़ | रु 10,051 करोड़ | +11.9% |
| कुल व्यय | रु 1.35 लाख करोड़ | रु 1.29 लाख करोड़ | +4.3% |
| राजस्व व्यय | रु 1.27 लाख करोड़ | रु 1.23 लाख करोड़ | +3.6% |
| पूंजीगत व्यय | रु 7,445 करोड़ | रु 6,406 करोड़ | +16.2% |
| ब्याज भुगतान | रु 23,900 करोड़ | रु 22,500 करोड़ | +6.2% |
| राजकोषीय घाटा | रु 30,465 करोड़ | रु 30,311 करोड़ | +0.5% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 3.8% | 4.1% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 48.6% | 49.6% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2024-25 बनाम 2023-24
2023-24 और 2024-25 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2024-25 | 2023-24 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 17,400 crore | Rs 15,800 crore | +10.1% |
2. Agriculture & Allied | Rs 13,700 crore | Rs 12,500 crore | +9.6% |
3. Energy | Rs 11,600 crore | Rs 10,500 crore | +10.5% |
4. Health & Family Welfare | Rs 8,700 crore | Rs 7,800 crore | +11.5% |
5. Rural Development | Rs 8,200 crore | Rs 7,500 crore | +9.3% |
6. Police & Home | Rs 8,000 crore | Rs 7,400 crore | +8.1% |
7. Social Welfare | Rs 6,550 crore | Rs 6,000 crore | +9.2% |
8. Water Supply & Sanitation | Rs 4,500 crore | Rs 3,800 crore | +18.4% |
9. Transport & Roads | Rs 4,500 crore | Rs 3,900 crore | +15.4% |
10. Urban Development | Rs 4,300 crore | Rs 3,900 crore | +10.3% |
पंजाब का बजट 2023-24 से 2024-25 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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