सिक्किम बजट — 2025-26 vs 2021-22
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि सिक्किम की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2025-26 बनाम 2021-22
2025-26
Rs 13,735 crore
2021-22
Rs 10,300 crore
2025-26
Rs 10,332 crore
2021-22
Rs 8,500 crore
2025-26
Rs 3,725 crore
2021-22
Rs 1,800 crore
2025-26
Rs 2,100 crore
2021-22
Rs 1,300 crore
2025-26
6.0%
2021-22
6.7%
2025-26
Rs 803 crore
2021-22
Rs 900 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2025-26 | 2021-22 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 10,332 करोड़ | रु 8,500 करोड़ | +21.6% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 2,100 करोड़ | रु 1,300 करोड़ | +61.5% |
| गैर-कर राजस्व | रु 1,250 करोड़ | रु 2,200 करोड़ | -43.2% |
| कुल व्यय | रु 13,735 करोड़ | रु 10,300 करोड़ | +33.3% |
| राजस्व व्यय | रु 11,029 करोड़ | रु 8,500 करोड़ | +29.8% |
| पूंजीगत व्यय | रु 3,725 करोड़ | रु 1,800 करोड़ | +106.9% |
| ब्याज भुगतान | रु 803 करोड़ | रु 900 करोड़ | -10.8% |
| राजकोषीय घाटा | रु 3,402 करोड़ | रु 1,800 करोड़ | +89.0% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 6.0% | 6.7% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 28.9% | 42.6% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2025-26 बनाम 2021-22
2021-22 और 2025-26 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2025-26 | 2021-22 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 2,000 crore | Rs 0 | — |
2. Public Works & Roads | Rs 1,800 crore | Rs 0 | — |
3. Rural Development | Rs 1,600 crore | Rs 0 | — |
4. Health & Family Welfare | Rs 1,250 crore | Rs 0 | — |
5. Police & Home | Rs 800 crore | Rs 0 | — |
6. Agriculture & Allied | Rs 800 crore | Rs 0 | — |
7. Energy | Rs 750 crore | Rs 0 | — |
8. Water Supply & Sanitation | Rs 600 crore | Rs 0 | — |
9. Social Welfare | Rs 600 crore | Rs 0 | — |
10. Urban Development | Rs 550 crore | Rs 0 | — |
सिक्किम का बजट 2021-22 से 2025-26 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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