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तमिल नाडु बजट — 2001-02 vs 2023-24

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि तमिल नाडु की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2001-02 बनाम 2023-24

Total Expenditure

2001-02

Rs 26,800 crore

2023-24

Rs 3.5 lakh crore

2001-02 is -92.3% lower
Total Receipts

2001-02

Rs 19,500 crore

2023-24

Rs 2.68 lakh crore

2001-02 is -92.7% lower
Capital Expenditure

2001-02

Rs 4,800 crore

2023-24

Rs 45,000 crore

2001-02 is -89.3% lower
Tax Revenue

2001-02

Rs 11,700 crore

2023-24

Rs 1.35 lakh crore

2001-02 is -91.3% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2001-02

3.5%

2023-24

3.0%

2001-02 is +16.7% higher
Interest Payments

2001-02

Rs 3,580 crore

2023-24

Rs 40,000 crore

2001-02 is -91.0% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2001-022023-24अंतर
कुल प्राप्तियांरु 19,500 करोड़रु 2.68 लाख करोड़-92.7%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 11,700 करोड़रु 1.35 लाख करोड़-91.3%
गैर-कर राजस्वरु 3,120 करोड़रु 14,000 करोड़-77.7%
कुल व्ययरु 26,800 करोड़रु 3.5 लाख करोड़-92.3%
राजस्व व्ययरु 22,000 करोड़रु 3.05 लाख करोड़-92.8%
पूंजीगत व्ययरु 4,800 करोड़रु 45,000 करोड़-89.3%
ब्याज भुगतानरु 3,580 करोड़रु 40,000 करोड़-91.0%
राजकोषीय घाटारु 5,880 करोड़रु 82,000 करोड़-92.8%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)3.5%3.0%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात22.9%21.5%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2001-02 बनाम 2023-24

2023-24 और 2001-02 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2001-022023-24Difference
1. Education
Rs 0
Rs 41,500 crore
-100.0%
2. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 23,000 crore
-100.0%
3. Rural Development
Rs 0
Rs 22,000 crore
-100.0%
4. Agriculture & Allied
Rs 0
Rs 17,000 crore
-100.0%
5. Transport & Roads
Rs 0
Rs 15,000 crore
-100.0%
6. Urban Development
Rs 0
Rs 15,000 crore
-100.0%
7. Water Supply & Sanitation
Rs 0
Rs 13,000 crore
-100.0%
8. Energy
Rs 0
Rs 12,500 crore
-100.0%
9. Police & Home
Rs 0
Rs 11,700 crore
-100.0%
10. Social Welfare
Rs 0
Rs 11,200 crore
-100.0%

तमिल नाडु का बजट 2023-24 से 2001-02 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2001-02 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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