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तमिल नाडु बजट — 2023-24 vs 2022-23

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि तमिल नाडु की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2022-23

Total Expenditure

2023-24

Rs 3.5 lakh crore

2022-23

Rs 3.23 lakh crore

2023-24 is +8.4% higher
Total Receipts

2023-24

Rs 2.68 lakh crore

2022-23

Rs 2.6 lakh crore

2023-24 is +3.1% higher
Capital Expenditure

2023-24

Rs 45,000 crore

2022-23

Rs 45,000 crore

2023-24 is 0.0% lower
Tax Revenue

2023-24

Rs 1.35 lakh crore

2022-23

Rs 1.7 lakh crore

2023-24 is -20.6% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2023-24

3.0%

2022-23

2.9%

2023-24 is +3.4% higher
Interest Payments

2023-24

Rs 40,000 crore

2022-23

Rs 34,000 crore

2023-24 is +17.6% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2023-242022-23अंतर
कुल प्राप्तियांरु 2.68 लाख करोड़रु 2.6 लाख करोड़+3.1%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 1.35 लाख करोड़रु 1.7 लाख करोड़-20.6%
गैर-कर राजस्वरु 14,000 करोड़रु 90,000 करोड़-84.4%
कुल व्ययरु 3.5 लाख करोड़रु 3.23 लाख करोड़+8.4%
राजस्व व्ययरु 3.05 लाख करोड़रु 2.78 लाख करोड़+9.7%
पूंजीगत व्ययरु 45,000 करोड़रु 45,000 करोड़0.0%
ब्याज भुगतानरु 40,000 करोड़रु 34,000 करोड़+17.6%
राजकोषीय घाटारु 82,000 करोड़रु 62,000 करोड़+32.3%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)3.0%2.9%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात21.5%21.4%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2022-23

2022-23 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2023-242022-23Difference
1. Education
Rs 41,500 crore
Rs 0
—
2. Health & Family Welfare
Rs 23,000 crore
Rs 0
—
3. Rural Development
Rs 22,000 crore
Rs 0
—
4. Agriculture & Allied
Rs 17,000 crore
Rs 0
—
5. Transport & Roads
Rs 15,000 crore
Rs 0
—
6. Urban Development
Rs 15,000 crore
Rs 0
—
7. Water Supply & Sanitation
Rs 13,000 crore
Rs 0
—
8. Energy
Rs 12,500 crore
Rs 0
—
9. Police & Home
Rs 11,700 crore
Rs 0
—
10. Social Welfare
Rs 11,200 crore
Rs 0
—

तमिल नाडु का बजट 2022-23 से 2023-24 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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