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त्रिपुरा बजट — 2021-22 vs 2023-24

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि त्रिपुरा की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2021-22 बनाम 2023-24

Total Expenditure

2021-22

Rs 20,000 crore

2023-24

Rs 25,756 crore

2021-22 is -22.3% lower
Total Receipts

2021-22

Rs 16,500 crore

2023-24

Rs 22,354 crore

2021-22 is -26.2% lower
Capital Expenditure

2021-22

Rs 3,200 crore

2023-24

Rs 4,334 crore

2021-22 is -26.2% lower
Tax Revenue

2021-22

Rs 3,800 crore

2023-24

Rs 3,456 crore

2021-22 is +10.0% higher
Fiscal Deficit (% GDP)

2021-22

5.8%

2023-24

4.0%

2021-22 is +45.0% higher
Interest Payments

2021-22

Rs 1,700 crore

2023-24

Rs 1,281 crore

2021-22 is +32.7% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2021-222023-24अंतर
कुल प्राप्तियांरु 16,500 करोड़रु 22,354 करोड़-26.2%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 3,800 करोड़रु 3,456 करोड़+10.0%
गैर-कर राजस्वरु 4,200 करोड़रु 420 करोड़+900.0%
कुल व्ययरु 20,000 करोड़रु 25,756 करोड़-22.3%
राजस्व व्ययरु 16,800 करोड़रु 21,320 करोड़-21.2%
पूंजीगत व्ययरु 3,200 करोड़रु 4,334 करोड़-26.2%
ब्याज भुगतानरु 1,700 करोड़रु 1,281 करोड़+32.7%
राजकोषीय घाटारु 3,500 करोड़रु 3,381 करोड़+3.5%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)5.8%4.0%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात30.8%28.3%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2021-22 बनाम 2023-24

2023-24 और 2021-22 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2021-222023-24Difference
1. Education
Rs 0
Rs 4,250 crore
-100.0%
2. Rural Development
Rs 0
Rs 2,800 crore
-100.0%
3. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 2,180 crore
-100.0%
4. Public Works & Roads
Rs 0
Rs 2,100 crore
-100.0%
5. Police & Home
Rs 0
Rs 1,600 crore
-100.0%
6. Agriculture & Allied
Rs 0
Rs 1,450 crore
-100.0%
7. Social Welfare
Rs 0
Rs 1,160 crore
-100.0%
8. Energy
Rs 0
Rs 1,160 crore
-100.0%
9. Water Supply & Sanitation
Rs 0
Rs 1,000 crore
-100.0%
10. Urban Development
Rs 0
Rs 880 crore
-100.0%

त्रिपुरा का बजट 2023-24 से 2021-22 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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