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त्रिपुरा बजट — 2023-24 vs 2022-23

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि त्रिपुरा की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2022-23

Total Expenditure

2023-24

Rs 25,756 crore

2022-23

Rs 22,500 crore

2023-24 is +14.5% higher
Total Receipts

2023-24

Rs 22,354 crore

2022-23

Rs 19,500 crore

2023-24 is +14.6% higher
Capital Expenditure

2023-24

Rs 4,334 crore

2022-23

Rs 3,500 crore

2023-24 is +23.8% higher
Tax Revenue

2023-24

Rs 3,456 crore

2022-23

Rs 4,500 crore

2023-24 is -23.2% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2023-24

4.0%

2022-23

4.6%

2023-24 is -13.0% lower
Interest Payments

2023-24

Rs 1,281 crore

2022-23

Rs 2,000 crore

2023-24 is -35.9% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2023-242022-23अंतर
कुल प्राप्तियांरु 22,354 करोड़रु 19,500 करोड़+14.6%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 3,456 करोड़रु 4,500 करोड़-23.2%
गैर-कर राजस्वरु 420 करोड़रु 5,000 करोड़-91.6%
कुल व्ययरु 25,756 करोड़रु 22,500 करोड़+14.5%
राजस्व व्ययरु 21,320 करोड़रु 19,000 करोड़+12.2%
पूंजीगत व्ययरु 4,334 करोड़रु 3,500 करोड़+23.8%
ब्याज भुगतानरु 1,281 करोड़रु 2,000 करोड़-35.9%
राजकोषीय घाटारु 3,381 करोड़रु 3,000 करोड़+12.7%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)4.0%4.6%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात28.3%32.3%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2022-23

2022-23 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2023-242022-23Difference
1. Education
Rs 4,250 crore
Rs 0
—
2. Rural Development
Rs 2,800 crore
Rs 0
—
3. Health & Family Welfare
Rs 2,180 crore
Rs 0
—
4. Public Works & Roads
Rs 2,100 crore
Rs 0
—
5. Police & Home
Rs 1,600 crore
Rs 0
—
6. Agriculture & Allied
Rs 1,450 crore
Rs 0
—
7. Social Welfare
Rs 1,160 crore
Rs 0
—
8. Energy
Rs 1,160 crore
Rs 0
—
9. Water Supply & Sanitation
Rs 1,000 crore
Rs 0
—
10. Urban Development
Rs 880 crore
Rs 0
—

त्रिपुरा का बजट 2022-23 से 2023-24 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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