उत्तराखंड बजट — 2023-24 vs 2021-22
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि उत्तराखंड की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2021-22
2023-24
Rs 61,988 crore
2021-22
Rs 50,500 crore
2023-24
Rs 54,627 crore
2021-22
Rs 39,500 crore
2023-24
Rs 10,403 crore
2021-22
Rs 7,500 crore
2023-24
Rs 19,620 crore
2021-22
Rs 17,800 crore
2023-24
2.2%
2021-22
3.5%
2023-24
Rs 6,000 crore
2021-22
Rs 5,200 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2023-24 | 2021-22 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 54,627 करोड़ | रु 39,500 करोड़ | +38.3% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 19,620 करोड़ | रु 17,800 करोड़ | +10.2% |
| गैर-कर राजस्व | रु 4,175 करोड़ | रु 7,500 करोड़ | -44.3% |
| कुल व्यय | रु 61,988 करोड़ | रु 50,500 करोड़ | +22.7% |
| राजस्व व्यय | रु 51,585 करोड़ | रु 43,000 करोड़ | +20.0% |
| पूंजीगत व्यय | रु 10,403 करोड़ | रु 7,500 करोड़ | +38.7% |
| ब्याज भुगतान | रु 6,000 करोड़ | रु 5,200 करोड़ | +15.4% |
| राजकोषीय घाटा | रु 7,459 करोड़ | रु 9,000 करोड़ | -17.1% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 2.2% | 3.5% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 22.0% | 25.4% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2021-22
2021-22 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2023-24 | 2021-22 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 8,400 crore | Rs 0 | — |
2. Transport & Roads | Rs 4,900 crore | Rs 0 | — |
3. Health & Family Welfare | Rs 4,600 crore | Rs 0 | — |
4. Rural Development | Rs 4,300 crore | Rs 0 | — |
5. Energy | Rs 4,100 crore | Rs 0 | — |
6. Agriculture & Allied | Rs 3,200 crore | Rs 0 | — |
7. Police & Home | Rs 3,100 crore | Rs 0 | — |
8. Water Supply & Sanitation | Rs 2,700 crore | Rs 0 | — |
9. Urban Development | Rs 2,350 crore | Rs 0 | — |
10. Tourism & Culture | Rs 1,500 crore | Rs 0 | — |
उत्तराखंड का बजट 2021-22 से 2023-24 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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