पश्चिम बंगाल बजट — 2021-22 vs 2023-24
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि पश्चिम बंगाल की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2021-22 बनाम 2023-24
2021-22
Rs 2.01 lakh crore
2023-24
Rs 2.67 lakh crore
2021-22
Rs 1.24 lakh crore
2023-24
Rs 2.09 lakh crore
2021-22
Rs 22,600 crore
2023-24
Rs 30,537 crore
2021-22
Rs 56,800 crore
2023-24
Rs 92,742 crore
2021-22
3.8%
2023-24
3.5%
2021-22
Rs 42,300 crore
2023-24
Rs 42,275 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2021-22 | 2023-24 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 1.24 लाख करोड़ | रु 2.09 लाख करोड़ | -40.8% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 56,800 करोड़ | रु 92,742 करोड़ | -38.8% |
| गैर-कर राजस्व | रु 7,600 करोड़ | रु 3,148 करोड़ | +141.4% |
| कुल व्यय | रु 2.01 लाख करोड़ | रु 2.67 लाख करोड़ | -24.9% |
| राजस्व व्यय | रु 1.78 लाख करोड़ | रु 2.37 लाख करोड़ | -24.8% |
| पूंजीगत व्यय | रु 22,600 करोड़ | रु 30,537 करोड़ | -26.0% |
| ब्याज भुगतान | रु 42,300 करोड़ | रु 42,275 करोड़ | +0.1% |
| राजकोषीय घाटा | रु 45,800 करोड़ | रु 59,306 करोड़ | -22.8% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 3.8% | 3.5% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 42.9% | 37.6% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2021-22 बनाम 2023-24
2023-24 और 2021-22 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2021-22 | 2023-24 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 0 | Rs 35,500 crore | -100.0% |
2. Rural Development | Rs 0 | Rs 20,500 crore | -100.0% |
3. Health & Family Welfare | Rs 0 | Rs 16,000 crore | -100.0% |
4. Social Welfare | Rs 0 | Rs 15,400 crore | -100.0% |
5. Police & Home | Rs 0 | Rs 13,400 crore | -100.0% |
6. Agriculture & Allied | Rs 0 | Rs 12,200 crore | -100.0% |
7. Urban Development | Rs 0 | Rs 12,000 crore | -100.0% |
8. Transport & Roads | Rs 0 | Rs 11,000 crore | -100.0% |
9. Water Supply & Sanitation | Rs 0 | Rs 7,400 crore | -100.0% |
10. Water Resources & Irrigation | Rs 0 | Rs 6,700 crore | -100.0% |
पश्चिम बंगाल का बजट 2023-24 से 2021-22 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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