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बिहार बजट — 2017-18 vs 2022-23

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि बिहार की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2017-18 बनाम 2022-23

Total Expenditure

2017-18

Rs 1.1 lakh crore

2022-23

Rs 1.76 lakh crore

2017-18 is -37.6% lower
Total Receipts

2017-18

Rs 87,200 crore

2022-23

Rs 1.39 lakh crore

2017-18 is -37.0% lower
Capital Expenditure

2017-18

Rs 21,200 crore

2022-23

Rs 30,500 crore

2017-18 is -30.5% lower
Tax Revenue

2017-18

Rs 25,100 crore

2022-23

Rs 38,200 crore

2017-18 is -34.3% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2017-18

3.3%

2022-23

3.5%

2017-18 is -5.7% lower
Interest Payments

2017-18

Rs 7,900 crore

2022-23

Rs 17,200 crore

2017-18 is -54.1% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2017-182022-23अंतर
कुल प्राप्तियांरु 87,200 करोड़रु 1.39 लाख करोड़-37.0%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 25,100 करोड़रु 38,200 करोड़-34.3%
गैर-कर राजस्वरु 3,900 करोड़रु 5,800 करोड़-32.8%
कुल व्ययरु 1.1 लाख करोड़रु 1.76 लाख करोड़-37.6%
राजस्व व्ययरु 88,400 करोड़रु 1.45 लाख करोड़-39.1%
पूंजीगत व्ययरु 21,200 करोड़रु 30,500 करोड़-30.5%
ब्याज भुगतानरु 7,900 करोड़रु 17,200 करोड़-54.1%
राजकोषीय घाटारु 14,200 करोड़रु 26,200 करोड़-45.8%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)3.3%3.5%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात26.7%32.0%—

बिहार का बजट 2022-23 से 2017-18 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2017-18 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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