बिहार बजट — 2017-18 vs 2026-27
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि बिहार की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2017-18 बनाम 2026-27
2017-18
Rs 1.1 lakh crore
2026-27
Rs 3.25 lakh crore
2017-18
Rs 87,200 crore
2026-27
Rs 2.85 lakh crore
2017-18
Rs 21,200 crore
2026-27
Rs 40,791 crore
2017-18
Rs 25,100 crore
2026-27
Rs 2.24 lakh crore
2017-18
3.3%
2026-27
3.0%
2017-18
Rs 7,900 crore
2026-27
Rs 25,364 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2017-18 | 2026-27 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 87,200 करोड़ | रु 2.85 लाख करोड़ | -69.4% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 25,100 करोड़ | रु 2.24 लाख करोड़ | -88.8% |
| गैर-कर राजस्व | रु 3,900 करोड़ | रु 9,403 करोड़ | -58.5% |
| कुल व्यय | रु 1.1 लाख करोड़ | रु 3.25 लाख करोड़ | -66.3% |
| राजस्व व्यय | रु 88,400 करोड़ | रु 2.84 लाख करोड़ | -68.9% |
| पूंजीगत व्यय | रु 21,200 करोड़ | रु 40,791 करोड़ | -48.0% |
| ब्याज भुगतान | रु 7,900 करोड़ | रु 25,364 करोड़ | -68.9% |
| राजकोषीय घाटा | रु 14,200 करोड़ | रु 39,112 करोड़ | -63.7% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 3.3% | 3.0% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 26.7% | 34.1% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2017-18 बनाम 2026-27
2026-27 और 2017-18 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2017-18 | 2026-27 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education, Sports, Arts and Culture | Rs 0 | Rs 70,141 crore | -100.0% |
2. Rural Development | Rs 0 | Rs 30,387 crore | -100.0% |
3. Social Welfare and Nutrition | Rs 0 | Rs 24,710 crore | -100.0% |
4. Health and Family Welfare | Rs 0 | Rs 20,230 crore | -100.0% |
5. Energy | Rs 0 | Rs 18,649 crore | -100.0% |
6. Police (Home) | Rs 0 | Rs 16,840 crore | -100.0% |
7. Urban Development | Rs 0 | Rs 14,050 crore | -100.0% |
8. Transport | Rs 0 | Rs 10,178 crore | -100.0% |
9. Agriculture and Allied Activities | Rs 0 | Rs 8,463 crore | -100.0% |
10. Irrigation and Flood Control | Rs 0 | Rs 8,422 crore | -100.0% |
बिहार का बजट 2026-27 से 2017-18 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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