छत्तीसगढ़ बजट — 2017-18 vs 2023-24
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2017-18 बनाम 2023-24
2017-18
Rs 51,300 crore
2023-24
Rs 1.48 lakh crore
2017-18
Rs 45,800 crore
2023-24
Rs 1.11 lakh crore
2017-18
Rs 8,500 crore
2023-24
Rs 21,259 crore
2017-18
Rs 21,200 crore
2023-24
Rs 40,600 crore
2017-18
2.1%
2023-24
6.5%
2017-18
Rs 3,100 crore
2023-24
Rs 7,042 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2017-18 | 2023-24 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 45,800 करोड़ | रु 1.11 लाख करोड़ | -58.9% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 21,200 करोड़ | रु 40,600 करोड़ | -47.8% |
| गैर-कर राजस्व | रु 9,500 करोड़ | रु 18,400 करोड़ | -48.4% |
| कुल व्यय | रु 51,300 करोड़ | रु 1.48 लाख करोड़ | -65.4% |
| राजस्व व्यय | रु 42,800 करोड़ | रु 1.27 लाख करोड़ | -66.3% |
| पूंजीगत व्यय | रु 8,500 करोड़ | रु 21,259 करोड़ | -60.0% |
| ब्याज भुगतान | रु 3,100 करोड़ | रु 7,042 करोड़ | -56.0% |
| राजकोषीय घाटा | रु 5,500 करोड़ | रु 33,062 करोड़ | -83.4% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 2.1% | 6.5% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 15.0% | 25.7% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2017-18 बनाम 2023-24
2023-24 और 2017-18 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2017-18 | 2023-24 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 0 | Rs 17,300 crore | -100.0% |
2. Rural Development | Rs 0 | Rs 13,800 crore | -100.0% |
3. Agriculture & Allied | Rs 0 | Rs 13,700 crore | -100.0% |
4. Health & Family Welfare | Rs 0 | Rs 9,100 crore | -100.0% |
5. Energy | Rs 0 | Rs 8,700 crore | -100.0% |
6. Transport & Roads | Rs 0 | Rs 7,200 crore | -100.0% |
7. Social Welfare | Rs 0 | Rs 6,600 crore | -100.0% |
8. Water Supply & Sanitation | Rs 0 | Rs 5,600 crore | -100.0% |
9. Police & Home | Rs 0 | Rs 5,500 crore | -100.0% |
10. Urban Development | Rs 0 | Rs 4,700 crore | -100.0% |
छत्तीसगढ़ का बजट 2023-24 से 2017-18 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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