दिल्ली बजट — 2017-18 vs 2022-23
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि दिल्ली की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2017-18 बनाम 2022-23
2017-18
Rs 41,300 crore
2022-23
Rs 65,000 crore
2017-18
Rs 37,800 crore
2022-23
Rs 55,800 crore
2017-18
Rs 5,800 crore
2022-23
Rs 9,000 crore
2017-18
Rs 32,500 crore
2022-23
Rs 49,500 crore
2017-18
0.6%
2022-23
0.6%
2017-18
Rs 1,500 crore
2022-23
Rs 2,600 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2017-18 | 2022-23 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 37,800 करोड़ | रु 55,800 करोड़ | -32.3% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 32,500 करोड़ | रु 49,500 करोड़ | -34.3% |
| गैर-कर राजस्व | रु 880 करोड़ | रु 1,200 करोड़ | -26.7% |
| कुल व्यय | रु 41,300 करोड़ | रु 65,000 करोड़ | -36.5% |
| राजस्व व्यय | रु 35,500 करोड़ | रु 51,000 करोड़ | -30.4% |
| पूंजीगत व्यय | रु 5,800 करोड़ | रु 9,000 करोड़ | -35.6% |
| ब्याज भुगतान | रु 1,500 करोड़ | रु 2,600 करोड़ | -42.3% |
| राजकोषीय घाटा | रु 3,500 करोड़ | रु 6,000 करोड़ | -41.7% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 0.6% | 0.6% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 1.3% | 2.8% | — |
दिल्ली का बजट 2022-23 से 2017-18 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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