दिल्ली बजट — 2017-18 vs 2026-27
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि दिल्ली की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2017-18 बनाम 2026-27
2017-18
Rs 41,300 crore
2026-27
Rs 99,446 crore
2017-18
Rs 37,800 crore
2026-27
Rs 81,992 crore
2017-18
Rs 5,800 crore
2026-27
Rs 26,546 crore
2017-18
Rs 32,500 crore
2026-27
Rs 74,000 crore
2017-18
0.6%
2026-27
1.3%
2017-18
Rs 1,500 crore
2026-27
Rs 2,734 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2017-18 | 2026-27 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 37,800 करोड़ | रु 81,992 करोड़ | -53.9% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 32,500 करोड़ | रु 74,000 करोड़ | -56.1% |
| गैर-कर राजस्व | रु 880 करोड़ | रु 900 करोड़ | -2.2% |
| कुल व्यय | रु 41,300 करोड़ | रु 99,446 करोड़ | -58.5% |
| राजस्व व्यय | रु 35,500 करोड़ | रु 72,900 करोड़ | -51.3% |
| पूंजीगत व्यय | रु 5,800 करोड़ | रु 26,546 करोड़ | -78.2% |
| ब्याज भुगतान | रु 1,500 करोड़ | रु 2,734 करोड़ | -45.1% |
| राजकोषीय घाटा | रु 3,500 करोड़ | रु 16,966 करोड़ | -79.4% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 0.6% | 1.3% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 1.3% | —% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2017-18 बनाम 2026-27
2026-27 और 2017-18 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2017-18 | 2026-27 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education, Sports, Arts and Culture | Rs 0 | Rs 19,066 crore | -100.0% |
2. Health and Family Welfare | Rs 0 | Rs 13,034 crore | -100.0% |
3. Transport | Rs 0 | Rs 10,303 crore | -100.0% |
4. Social Welfare and Nutrition | Rs 0 | Rs 10,200 crore | -100.0% |
5. Energy | Rs 0 | Rs 3,938 crore | -100.0% |
6. Urban Development | Rs 0 | Rs 3,927 crore | -100.0% |
7. Water Supply and Sanitation | Rs 0 | Rs 2,415 crore | -100.0% |
8. Rural Development | Rs 0 | Rs 812 crore | -100.0% |
9. Irrigation and Flood Control | Rs 0 | Rs 790 crore | -100.0% |
10. Housing | Rs 0 | Rs 486 crore | -100.0% |
दिल्ली का बजट 2026-27 से 2017-18 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
पूरा विश्लेषण देखें 2017-18 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.