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झारखंड बजट — 2020-21 vs 2023-24

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि झारखंड की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2020-21 बनाम 2023-24

Total Expenditure

2020-21

Rs 68,300 crore

2023-24

Rs 1.12 lakh crore

2020-21 is -39.2% lower
Total Receipts

2020-21

Rs 50,200 crore

2023-24

Rs 95,229 crore

2020-21 is -47.3% lower
Capital Expenditure

2020-21

Rs 9,800 crore

2023-24

Rs 21,674 crore

2020-21 is -54.8% lower
Tax Revenue

2020-21

Rs 15,500 crore

2023-24

Rs 28,710 crore

2020-21 is -46.0% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2020-21

3.7%

2023-24

2.7%

2020-21 is +37.0% higher
Interest Payments

2020-21

Rs 7,000 crore

2023-24

Rs 7,499 crore

2020-21 is -6.7% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2020-212023-24अंतर
कुल प्राप्तियांरु 50,200 करोड़रु 95,229 करोड़-47.3%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 15,500 करोड़रु 28,710 करोड़-46.0%
गैर-कर राजस्वरु 7,800 करोड़रु 16,116 करोड़-51.6%
कुल व्ययरु 68,300 करोड़रु 1.12 लाख करोड़-39.2%
राजस्व व्ययरु 58,500 करोड़रु 88,093 करोड़-33.6%
पूंजीगत व्ययरु 9,800 करोड़रु 21,674 करोड़-54.8%
ब्याज भुगतानरु 7,000 करोड़रु 7,499 करोड़-6.7%
राजकोषीय घाटारु 11,200 करोड़रु 11,691 करोड़-4.2%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)3.7%2.7%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात28.7%27.6%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2020-21 बनाम 2023-24

2023-24 और 2020-21 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2020-212023-24Difference
1. Education
Rs 0
Rs 14,000 crore
-100.0%
2. Rural Development
Rs 0
Rs 11,800 crore
-100.0%
3. Health & Family Welfare
Rs 0
Rs 8,200 crore
-100.0%
4. Energy
Rs 0
Rs 7,300 crore
-100.0%
5. Agriculture & Allied
Rs 0
Rs 6,000 crore
-100.0%
6. Transport & Roads
Rs 0
Rs 5,600 crore
-100.0%
7. Social Welfare
Rs 0
Rs 5,000 crore
-100.0%
8. Water Supply & Sanitation
Rs 0
Rs 4,800 crore
-100.0%
9. Police & Home
Rs 0
Rs 4,800 crore
-100.0%
10. Urban Development
Rs 0
Rs 4,000 crore
-100.0%

झारखंड का बजट 2023-24 से 2020-21 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2020-21 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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