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झारखंड बजट — 2020-21 vs 2026-27

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि झारखंड की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2020-21 बनाम 2026-27

Total Expenditure

2020-21

Rs 68,300 crore

2026-27

Rs 1.5 lakh crore

2020-21 is -54.5% lower
Total Receipts

2020-21

Rs 50,200 crore

2026-27

Rs 1.36 lakh crore

2020-21 is -63.1% lower
Capital Expenditure

2020-21

Rs 9,800 crore

2026-27

Rs 29,254 crore

2020-21 is -66.5% lower
Tax Revenue

2020-21

Rs 15,500 crore

2026-27

Rs 97,236 crore

2020-21 is -84.1% lower
Fiscal Deficit (% GDP)

2020-21

3.7%

2026-27

2.2%

2020-21 is +68.2% higher
Interest Payments

2020-21

Rs 7,000 crore

2026-27

Rs 6,520 crore

2020-21 is +7.4% higher

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2020-212026-27अंतर
कुल प्राप्तियांरु 50,200 करोड़रु 1.36 लाख करोड़-63.1%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 15,500 करोड़रु 97,236 करोड़-84.1%
गैर-कर राजस्वरु 7,800 करोड़रु 20,700 करोड़-62.3%
कुल व्ययरु 68,300 करोड़रु 1.5 लाख करोड़-54.5%
राजस्व व्ययरु 58,500 करोड़रु 1.21 लाख करोड़-51.6%
पूंजीगत व्ययरु 9,800 करोड़रु 29,254 करोड़-66.5%
ब्याज भुगतानरु 7,000 करोड़रु 6,520 करोड़+7.4%
राजकोषीय घाटारु 11,200 करोड़रु 13,596 करोड़-17.6%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)3.7%2.2%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात28.7%25.8%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2020-21 बनाम 2026-27

2026-27 और 2020-21 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2020-212026-27Difference
1. Social Welfare and Nutrition
Rs 0
Rs 24,900 crore
-100.0%
2. Rural Development
Rs 0
Rs 19,687 crore
-100.0%
3. Education, Sports, Arts and Culture
Rs 0
Rs 19,320 crore
-100.0%
4. Police
Rs 0
Rs 8,291 crore
-100.0%
5. Health and Family Welfare
Rs 0
Rs 7,997 crore
-100.0%
6. Energy
Rs 0
Rs 7,379 crore
-100.0%
7. Transport
Rs 0
Rs 6,994 crore
-100.0%
8. Agriculture and Allied Activities
Rs 0
Rs 6,468 crore
-100.0%
9. Water Supply and Sanitation
Rs 0
Rs 5,208 crore
-100.0%
10. Urban Development
Rs 0
Rs 3,768 crore
-100.0%

झारखंड का बजट 2026-27 से 2020-21 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

पूरा विश्लेषण देखें 2020-21 बजट विश्लेषण या सभी उपलब्ध तुलनाएं देखें.

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