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झारखंड बजट — 2023-24 vs 2022-23

वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि झारखंड की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं

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बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2022-23

Total Expenditure

2023-24

Rs 1.12 lakh crore

2022-23

Rs 89,400 crore

2023-24 is +25.6% higher
Total Receipts

2023-24

Rs 95,229 crore

2022-23

Rs 70,500 crore

2023-24 is +35.1% higher
Capital Expenditure

2023-24

Rs 21,674 crore

2022-23

Rs 16,200 crore

2023-24 is +33.8% higher
Tax Revenue

2023-24

Rs 28,710 crore

2022-23

Rs 22,800 crore

2023-24 is +25.9% higher
Fiscal Deficit (% GDP)

2023-24

2.7%

2022-23

3.4%

2023-24 is -20.6% lower
Interest Payments

2023-24

Rs 7,499 crore

2022-23

Rs 9,300 crore

2023-24 is -19.4% lower

प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन

विवरण2023-242022-23अंतर
कुल प्राप्तियांरु 95,229 करोड़रु 70,500 करोड़+35.1%
कर राजस्व (शुद्ध)रु 28,710 करोड़रु 22,800 करोड़+25.9%
गैर-कर राजस्वरु 16,116 करोड़रु 11,200 करोड़+43.9%
कुल व्ययरु 1.12 लाख करोड़रु 89,400 करोड़+25.6%
राजस्व व्ययरु 88,093 करोड़रु 73,200 करोड़+20.3%
पूंजीगत व्ययरु 21,674 करोड़रु 16,200 करोड़+33.8%
ब्याज भुगतानरु 7,499 करोड़रु 9,300 करोड़-19.4%
राजकोषीय घाटारु 11,691 करोड़रु 13,500 करोड़-13.4%
राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %)2.7%3.4%—
ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात27.6%27.0%—

विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2022-23

2022-23 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा

Department2023-242022-23Difference
1. Education
Rs 14,000 crore
Rs 0
—
2. Rural Development
Rs 11,800 crore
Rs 0
—
3. Health & Family Welfare
Rs 8,200 crore
Rs 0
—
4. Energy
Rs 7,300 crore
Rs 0
—
5. Agriculture & Allied
Rs 6,000 crore
Rs 0
—
6. Transport & Roads
Rs 5,600 crore
Rs 0
—
7. Social Welfare
Rs 5,000 crore
Rs 0
—
8. Water Supply & Sanitation
Rs 4,800 crore
Rs 0
—
9. Police & Home
Rs 4,800 crore
Rs 0
—
10. Urban Development
Rs 4,000 crore
Rs 0
—

झारखंड का बजट 2022-23 से 2023-24 तक कैसे बदला है?

वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।

पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।

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