झारखंड बजट — 2023-24 vs 2025-26
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि झारखंड की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2023-24 बनाम 2025-26
2023-24
Rs 1.12 lakh crore
2025-26
Rs 1.42 lakh crore
2023-24
Rs 95,229 crore
2025-26
Rs 1.25 lakh crore
2023-24
Rs 21,674 crore
2025-26
Rs 25,997 crore
2023-24
Rs 28,710 crore
2025-26
Rs 37,500 crore
2023-24
2.7%
2025-26
2.9%
2023-24
Rs 7,499 crore
2025-26
Rs 6,354 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2023-24 | 2025-26 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 95,229 करोड़ | रु 1.25 लाख करोड़ | -23.8% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 28,710 करोड़ | रु 37,500 करोड़ | -23.4% |
| गैर-कर राजस्व | रु 16,116 करोड़ | रु 21,300 करोड़ | -24.3% |
| कुल व्यय | रु 1.12 लाख करोड़ | रु 1.42 लाख करोड़ | -20.7% |
| राजस्व व्यय | रु 88,093 करोड़ | रु 1.11 लाख करोड़ | -20.6% |
| पूंजीगत व्यय | रु 21,674 करोड़ | रु 25,997 करोड़ | -16.6% |
| ब्याज भुगतान | रु 7,499 करोड़ | रु 6,354 करोड़ | +18.0% |
| राजकोषीय घाटा | रु 11,691 करोड़ | रु 16,239 करोड़ | -28.0% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 2.7% | 2.9% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 27.6% | 25.5% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2023-24 बनाम 2025-26
2025-26 और 2023-24 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2023-24 | 2025-26 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Education | Rs 14,000 crore | Rs 18,700 crore | -25.1% |
2. Rural Development | Rs 11,800 crore | Rs 15,800 crore | -25.3% |
3. Health & Family Welfare | Rs 8,200 crore | Rs 11,000 crore | -25.5% |
4. Energy | Rs 7,300 crore | Rs 9,800 crore | -25.5% |
5. Agriculture & Allied | Rs 6,000 crore | Rs 8,300 crore | -27.7% |
6. Transport & Roads | Rs 5,600 crore | Rs 7,700 crore | -27.3% |
7. Social Welfare | Rs 5,000 crore | Rs 6,700 crore | -25.4% |
8. Water Supply & Sanitation | Rs 4,800 crore | Rs 6,500 crore | -26.2% |
9. Police & Home | Rs 4,800 crore | Rs 6,300 crore | -23.8% |
10. Urban Development | Rs 4,000 crore | Rs 5,500 crore | -27.3% |
झारखंड का बजट 2025-26 से 2023-24 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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