लक्षद्वीप बजट — 2026-27 vs 2024-25
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि लक्षद्वीप की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2026-27 बनाम 2024-25
2026-27
Rs 1,682 crore
2024-25
Rs 1,490 crore
2026-27
Rs 1,336 crore
2024-25
Rs 1,183 crore
2026-27
Rs 346 crore
2024-25
Rs 307 crore
2026-27
Rs 15 crore
2024-25
Rs 10 crore
2026-27
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2024-25
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प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2026-27 | 2024-25 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 1,336 करोड़ | रु 1,183 करोड़ | +12.9% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 15 करोड़ | रु 10 करोड़ | +50.0% |
| गैर-कर राजस्व | रु 10 करोड़ | रु 7 करोड़ | +42.9% |
| कुल व्यय | रु 1,682 करोड़ | रु 1,490 करोड़ | +12.9% |
| राजस्व व्यय | रु 1,336 करोड़ | रु 1,183 करोड़ | +12.9% |
| पूंजीगत व्यय | रु 346 करोड़ | रु 307 करोड़ | +12.7% |
| ब्याज भुगतान | रु 0 | रु 0 | — |
| राजकोषीय घाटा | रु 0 | रु 0 | — |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 0.0% | 0.0% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2026-27 बनाम 2024-25
2024-25 और 2026-27 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2026-27 | 2024-25 | Difference |
|---|---|---|---|
1. Public Works & Infrastructure | Rs 330 crore | Rs 292 crore | +13.0% |
2. Shipping & Maritime | Rs 240 crore | Rs 212 crore | +13.2% |
3. Education | Rs 220 crore | Rs 195 crore | +12.8% |
4. Health & Family Welfare | Rs 180 crore | Rs 160 crore | +12.5% |
5. Power & Energy | Rs 175 crore | Rs 155 crore | +12.9% |
6. Fisheries & Marine Resources | Rs 125 crore | Rs 111 crore | +12.6% |
7. General Administration | Rs 116 crore | Rs 102 crore | +13.7% |
8. Water Supply & Sanitation | Rs 106 crore | Rs 94 crore | +12.8% |
9. Tourism | Rs 100 crore | Rs 89 crore | +12.4% |
10. Social Welfare | Rs 90 crore | Rs 80 crore | +12.5% |
लक्षद्वीप का बजट 2024-25 से 2026-27 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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