तमिल नाडु बजट — 2026-27 vs 2021-22
वर्ष-दर-वर्ष बजट तुलना जो दर्शाती है कि तमिल नाडु की राजकोषीय प्राथमिकताएं कैसे बदली हैं
बजट वृद्धि — 2026-27 बनाम 2021-22
2026-27
Rs 4.73 lakh crore
2021-22
Rs 2.78 lakh crore
2026-27
Rs 3.5 lakh crore
2021-22
Rs 2.22 lakh crore
2026-27
Rs 56,985 crore
2021-22
Rs 38,000 crore
2026-27
Rs 2.27 lakh crore
2021-22
Rs 1.45 lakh crore
2026-27
3.0%
2021-22
2.9%
2026-27
Rs 78,683 crore
2021-22
Rs 31,000 crore
प्राप्तियां एवं व्यय — वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन
| विवरण | 2026-27 | 2021-22 | अंतर |
|---|---|---|---|
| कुल प्राप्तियां | रु 3.5 लाख करोड़ | रु 2.22 लाख करोड़ | +57.7% |
| कर राजस्व (शुद्ध) | रु 2.27 लाख करोड़ | रु 1.45 लाख करोड़ | +56.4% |
| गैर-कर राजस्व | रु 27,835 करोड़ | रु 77,000 करोड़ | -63.9% |
| कुल व्यय | रु 4.73 लाख करोड़ | रु 2.78 लाख करोड़ | +70.0% |
| राजस्व व्यय | रु 4.06 लाख करोड़ | रु 2.4 लाख करोड़ | +69.1% |
| पूंजीगत व्यय | रु 56,985 करोड़ | रु 38,000 करोड़ | +50.0% |
| ब्याज भुगतान | रु 78,683 करोड़ | रु 31,000 करोड़ | +153.8% |
| राजकोषीय घाटा | रु 1.22 लाख करोड़ | रु 55,000 करोड़ | +121.5% |
| राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद का %) | 3.00% | 2.9% | — |
| ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद अनुपात | 27.01% | 22.0% | — |
विभागीय आवंटन परिवर्तन — 2026-27 बनाम 2021-22
2021-22 और 2026-27 के बीच किन विभागों का बजट हिस्सा बढ़ा या घटा
| Department | 2026-27 | 2021-22 | Difference |
|---|---|---|---|
1. School Education | Rs 44,527 crore | Rs 0 | — |
2. Rural Development and Panchayat Raj | Rs 39,609 crore | Rs 0 | — |
3. Municipal Administration and Water Supply | Rs 29,863 crore | Rs 0 | — |
4. Health and Family Welfare | Rs 23,357 crore | Rs 0 | — |
5. Highways and Minor Ports | Rs 21,524 crore | Rs 0 | — |
6. Home, Prohibition and Excise | Rs 17,290 crore | Rs 0 | — |
7. Energy | Rs 15,828 crore | Rs 0 | — |
8. Agriculture and Farmers' Welfare | Rs 14,984 crore | Rs 0 | — |
9. Food and Consumer Protection (incl. food subsidy) | Rs 14,830 crore | Rs 0 | — |
10. Transport | Rs 13,561 crore | Rs 0 | — |
तमिल नाडु का बजट 2021-22 से 2026-27 तक कैसे बदला है?
वर्षों में बजट की तुलना राजकोषीय समेकन की प्रगति, खर्च प्राथमिकताओं में बदलाव और राजस्व वृद्धि के पैटर्न को ट्रैक करने में मदद करती है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच का अंतर राजकोषीय अनुशासन और यथार्थवादी अनुमान क्षमता का एक प्रमुख संकेतक है।
पूंजीगत व्यय के रुझान बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाते हैं, जबकि राजस्व व्यय के पैटर्न वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान जैसी आवर्ती देनदारियों को दर्शाते हैं। बढ़ता पूंजी-से-राजस्व व्यय अनुपात आम तौर पर उत्पादक खर्च का संकेत देता है।
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